पटना: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बिहार की सियासत में जारी चर्चा के बीच JDU ने 18 सितंबर को होने वाली अपनी बैठक का एजेंडा स्पष्ट किया है। पार्टी के मुताबिक, पटना में सांसदों और विधायकों का एक दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विधायी प्रक्रिया और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर जानकारी दी जाएगी।
UCC से लेकर पार्टी में बदलाव तक… कई अटकलें
बैठक की घोषणा के बाद राजनीतिक हलकों में UCC को लेकर JDU के अगले कदम और पार्टी संगठन में संभावित बदलाव को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आईं। इनमें पार्टी के नाम में बदलाव और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं भी शामिल थीं।
हालांकि JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि 18 सितंबर का कार्यक्रम विधायी कामकाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका से संबंधित है।
UCC पर JDU ने फिर दोहराया- पहले ड्राफ्ट देखेंगे
UCC को लेकर JDU का मौजूदा रुख यह है कि केंद्र सरकार जब प्रस्तावित कानून का मसौदा साझा करेगी, तब पार्टी उसका अध्ययन कर अपना रुख तय करेगी। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा है कि किसी प्रावधान पर आपत्ति होने की स्थिति में केंद्रीय स्तर पर चर्चा की जाएगी।
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NDA शासित राज्यों में 2029 से पहले UCC लागू करने की बात कही है। इसके बाद बिहार में JDU के रुख को लेकर चर्चा तेज हुई है।
18 सितंबर को क्या होगा?
JDU के अनुसार, कार्यक्रम में विधायी जिम्मेदारियों, समितियों, कानून बनाने की प्रक्रिया, हालिया विधायी घटनाक्रम, राज्य के बजट और बिहार की अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा होगी। बैठक का उद्घाटन नीतीश कुमार करेंगे।
यानी फिलहाल पार्टी की ओर से बैठक का घोषित एजेंडा प्रबोधन कार्यक्रम है; इससे जुड़े अन्य राजनीतिक कयासों पर JDU ने स्पष्ट रूप से विराम लगाने की कोशिश की है।
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