पटना: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बिहार में इस बार की बाढ़ 2016 से भी भीषण बताई जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ हाजीपुर के तेरसिया और सरायपुर समेत अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्रीय टीम बिहार पहुंची है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है और नुकसान का विस्तृत आकलन करने के लिए एक और टीम भी भेजी जाएगी।
15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित
बिहार सरकार के अनुसार राज्य के 15 जिले, 88 प्रखंड, 575 ग्राम पंचायत और 2,642 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। करीब 50 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सरकार ने दी है। लगभग 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पानी फैलने से फसल क्षति भी हुई है।
इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित 8.27 लाख से अधिक परिवारों के खातों में 579.23 करोड़ रुपये की अनुग्रह राहत राशि DBT के जरिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की थी। पात्र परिवार को 7,000 रुपये की सहायता दी जा रही है।
ट्रैक्टर से पहुंचे राघोपुर, जमीन पर देखा बाढ़ का असर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सड़क मार्ग से भी प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। टीम ने हाजीपुर के बाद राघोपुर क्षेत्र का दौरा किया और बाढ़ से प्रभावित लोगों एवं फसलों की स्थिति देखी।
केंद्रीय टीम के दौरे में बाढ़ से हुए फसल, सड़क और अन्य नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद पटना में उच्चस्तरीय बैठक के जरिए राहत, बचाव और पुनर्वास से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जानी है।
बिहार सरकार के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं और नुकसान का विस्तृत आकलन मिलने के बाद आगे की सहायता पर निर्णय लिया जाएगा।
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