पटना: परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन अब बिहार बंद तक पहुंच गया है। छात्र संगठनों AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) और RYA ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। संगठनों ने छात्रों के साथ-साथ आम नागरिकों से भी बंद को सफल बनाने की अपील की है।
छात्र संगठनों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है। AISA ने 22 जुलाई की घटना को “ब्लैक डे” बताते हुए 23 और 24 जुलाई को जिलों में प्रतिरोध कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की है।
लाठीचार्ज का विरोध, पुलिस कार्रवाई पर सवाल
AISA के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने आरोप लगाया कि राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल कई छात्र घायल हुए और कई छात्र-छात्राओं को हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज उठाने पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि उनकी मांगों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। छात्र संगठन पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बता रहे हैं।
छात्रों ने सरकार से मांगा जवाब
छात्र संगठनों की मुख्य मांग पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की है। संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन जारी रहेगा।
बंद को लेकर प्रशासन अलर्ट
बिहार बंद के ऐलान के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है। वहीं, छात्र संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से बंद को सफल बनाने की अपील की है।
अब नजर 25 जुलाई पर है, जब छात्र संगठनों के आह्वान पर बिहार की सड़कों पर आंदोलन का असर देखने को मिल सकता है।
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