14
BREAKING NEWS
बिहार डूबा, सियासत उफनी! रोहिणी आचार्य का सम्राट सरकार पर सीधा वार—हर साल जल प्रलय का इंतजार क्यों?बाढ़ के बीच लखीसराय पहुंचे प्रभारी मंत्री सुनील कुमार, पीड़ितों से जाना दर्द; मृतक के परिजन को मिला 4 लाख का मुआवजा!मधुबनी पहुंचे CM सम्राट चौधरी, कामख्या मंदिर में की पूजा-अर्चना!मुजफ्फरपुर के स्कूल में ‘शुद्धिकरण’ का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को किया सस्पेंड!नेपाल की तबाही के बीच गंडक में ‘कमाई’ का खेल; उफनती नदी में जान हथेली पर रख लकड़ी छान रहे ग्रामीण, मगरमच्छ का भी खतरा!सील लगने के बाद भी उड़ गईं 700 बोरी यूरिया, कृषि मंत्री ने 24 घंटे में मांगा जबाब!खेल-खेल में पढ़ाया, दीवारों को बनाया ब्लैकबोर्ड… बिहार की पुष्पा प्रसाद को राष्ट्रपति सम्मान!डस्टबिन नहीं, डकैती; सुधाकर सिंह ने लगाया मंगल पांडे पर गंभीर आरोप!लखीसराय में खुलेगा पशुपालन का ‘पावर सेंटर’; 506 लाख डोज सालाना क्षमता वाले फ्रोजन सीमेन स्टेशन का ललन सिंह ने लिया जायजा!जिनके हाथों में भविष्य की तस्वीर, लखीसराय में उन गुरुओं को मिला सम्मान; शिक्षक दिवस पर सजा सम्मान का मंच!पटना स्टेशन पर टिकट चेकिंग का बड़ा एक्शन; 557 यात्री पकड़े गए, AC कोचों से उतारे गए 148 लोग!ट्रैक से स्टेशन तक ‘सेफ्टी चेक’, राजेंद्र पुल पर भी बड़ा एक्शन प्लान; सोनपुर मंडल में महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग का सघन निरीक्षण!फिलीपींस में बिहार के लाल का जलवा; कुमार हर्षित ने WTT यूथ कंटेंडर में जीता गोल्ड, दुनिया के मंच पर बढ़ाया राज्य का मान!आरा में महानंदा एक्सप्रेस डिरेल, गलत सिग्नल ने मचाई हलचल! इंजन-कोच पटरी से उतरे, स्टेशन मैनेजर सस्पेंड; कई ट्रेनें प्रभावित!शेखपुरा में मोटर चोरी के आरोपी युवकों को बाल मुंडवाने और गधे पर घुमाने की थी तैयारी, ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस!
No menu items available
BREAKING
बिहार डूबा, सियासत उफनी! रोहिणी आचार्य का सम्राट सरकार पर सीधा वार—हर साल जल प्रलय का इंतजार क्यों?बाढ़ के बीच लखीसराय पहुंचे प्रभारी मंत्री सुनील कुमार, पीड़ितों से जाना दर्द; मृतक के परिजन को मिला 4 लाख का मुआवजा!मधुबनी पहुंचे CM सम्राट चौधरी, कामख्या मंदिर में की पूजा-अर्चना!मुजफ्फरपुर के स्कूल में ‘शुद्धिकरण’ का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को किया सस्पेंड!नेपाल की तबाही के बीच गंडक में ‘कमाई’ का खेल; उफनती नदी में जान हथेली पर रख लकड़ी छान रहे ग्रामीण, मगरमच्छ का भी खतरा!सील लगने के बाद भी उड़ गईं 700 बोरी यूरिया, कृषि मंत्री ने 24 घंटे में मांगा जबाब!खेल-खेल में पढ़ाया, दीवारों को बनाया ब्लैकबोर्ड… बिहार की पुष्पा प्रसाद को राष्ट्रपति सम्मान!डस्टबिन नहीं, डकैती; सुधाकर सिंह ने लगाया मंगल पांडे पर गंभीर आरोप!लखीसराय में खुलेगा पशुपालन का ‘पावर सेंटर’; 506 लाख डोज सालाना क्षमता वाले फ्रोजन सीमेन स्टेशन का ललन सिंह ने लिया जायजा!जिनके हाथों में भविष्य की तस्वीर, लखीसराय में उन गुरुओं को मिला सम्मान; शिक्षक दिवस पर सजा सम्मान का मंच!पटना स्टेशन पर टिकट चेकिंग का बड़ा एक्शन; 557 यात्री पकड़े गए, AC कोचों से उतारे गए 148 लोग!ट्रैक से स्टेशन तक ‘सेफ्टी चेक’, राजेंद्र पुल पर भी बड़ा एक्शन प्लान; सोनपुर मंडल में महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग का सघन निरीक्षण!

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

बिहार डूबा, सियासत उफनी! रोहिणी आचार्य का सम्राट सरकार पर सीधा वार—हर साल जल प्रलय का इंतजार क्यों?
21 minutes ago
बाढ़ के बीच लखीसराय पहुंचे प्रभारी मंत्री सुनील कुमार, पीड़ितों से जाना दर्द; मृतक के परिजन को मिला 4 लाख का मुआवजा!
37 minutes ago
मधुबनी पहुंचे CM सम्राट चौधरी, कामख्या मंदिर में की पूजा-अर्चना!
43 minutes ago
मुजफ्फरपुर के स्कूल में ‘शुद्धिकरण’ का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को किया सस्पेंड!
53 minutes ago
नेपाल की तबाही के बीच गंडक में ‘कमाई’ का खेल; उफनती नदी में जान हथेली पर रख लकड़ी छान रहे ग्रामीण, मगरमच्छ का भी खतरा!
1 hour ago

नेपाल की तबाही के बीच गंडक में ‘कमाई’ का खेल; उफनती नदी में जान हथेली पर रख लकड़ी छान रहे ग्रामीण, मगरमच्छ का भी खतरा!

मोतिहारी: नेपाल में आई भीषण तबाही का असर अब बिहार तक पहुंच चुका है। पूर्वी चंपारण में गंडक नदी उफान...

मोतिहारी: नेपाल में आई भीषण तबाही का असर अब बिहार तक पहुंच चुका है। पूर्वी चंपारण में गंडक नदी उफान पर है और नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। एक तरफ नेपाल में तबाही का मंजर है, तो दूसरी तरफ इसी बाढ़ के पानी के साथ बहकर आई लकड़ियां अब गंडक किनारे रहने वाले लोगों के लिए आकर्षण का कारण बन गई हैं।

नेपाल की त्रासदी ने हजारों परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। घर, दुकान, वाहन और दूसरी संपत्तियां पानी के तेज बहाव में बह गईं। कई लोग अब भी लापता हैं और परिजन अपनों की तलाश में जुटे हैं। लेकिन इसी भयावह आपदा के बीच पूर्वी चंपारण में ‘आपदा में अवसर’ की तस्वीर भी सामने आई है।

गंडक में नेपाल से बहकर आई लकड़ियों को निकालने के लिए कुछ ग्रामीण तेज बहाव के बीच नदी में उतर रहे हैं। पानी में छानकर निकाली गई लकड़ियों को घाट पर जमा किया जा रहा है और फिर बैलगाड़ी के जरिए ग्रामीण उसे अपने घर ले जा रहे हैं।

कुछ लकड़ियों के लिए जिंदगी दांव पर!

नदी में उतरकर लकड़ी निकालने का यह सिलसिला देखने में भले ही रोजी-रोटी का जुगाड़ लगे, लेकिन गंडक के मौजूदा तेवर इसे बेहद जोखिम भरा बना रहे हैं। तेज धार में जरा सी चूक भारी पड़ सकती है।

खतरा सिर्फ पानी के बहाव तक सीमित नहीं है। वाल्मीकिनगर बराज और आसपास के जंगल क्षेत्र में मगरमच्छों की मौजूदगी की बात भी सामने आती रही है। ऐसे में नदी में उतरने वालों के सामने बाढ़ के साथ-साथ जलीय जीवों का जोखिम भी बना हुआ है।

एक तरफ त्रासदी, दूसरी तरफ पेट की जद्दोजहद

गंडक किनारे की यह तस्वीर आपदा की एक दूसरी कहानी भी दिखाती है। एक ओर नेपाल में आई तबाही का दर्द है, तो दूसरी ओर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए रोजी-रोटी की चुनौती।

नेपाल से बहकर आई लकड़ियां किसी के लिए बेकार मलबा हो सकती हैं, लेकिन ग्रामीणों के लिए वही लकड़ी घर चलाने का जरिया बन रही है। हालांकि बड़ा सवाल यही है—क्या कुछ लकड़ियों के लिए उफनती गंडक में उतरना सुरक्षित है?

ये खबर भी पढ़े: सील लगने के बाद भी उड़ गईं 700 बोरी यूरिया, कृषि मंत्री ने 24 घंटे में मांगा जबाब!

Mahuaa News

Author at mahuaanews.com
Scroll to Top