लखीसराय: किताबों से आगे बढ़कर जो बच्चों को जिंदगी जीने का हुनर सिखाते हैं, उनके सम्मान में शिक्षक दिवस पर लखीसराय समाहरणालय का मंत्रणा कक्ष भावनाओं से भर उठा। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में समर्पण, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों और विद्यालयों को सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार, अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में दीप प्रज्वलित कर किया गया।
किसी को ‘गुरु’ होने का सम्मान, किसी को बदलाव का इनाम
समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और विद्यालयों को सम्मान मिला। सर्वश्रेष्ठ प्रधानाध्यापक, सर्वश्रेष्ठ शिक्षक (अध्यापन), सर्वश्रेष्ठ शिक्षक (नवाचार), सर्वश्रेष्ठ शिक्षक (PBL), स्वच्छता, खेल-कूद व्यवस्था और छात्र-छात्राओं की बेहतर उपस्थिति जैसी श्रेणियों में चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
यह सम्मान केवल एक प्रशस्ति या मंच पर मिलने वाला पुरस्कार नहीं था, बल्कि उन शिक्षकों के प्रयासों की पहचान थी, जो रोज कक्षा में बच्चों के सपनों को आकार देने और विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव लाने में जुटे हैं।
‘अच्छे स्कूल’ की तस्वीर बदल रहे हैं शिक्षक
जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने शिक्षकों के समर्पण और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर विद्यालयी वातावरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों को शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
समारोह में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी यदुवंश राम, संभाग प्रभारी अमित कुमार सिंह समेत शिक्षा विभाग के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
लखीसराय में शिक्षक दिवस का यह आयोजन इस संदेश के साथ खास बन गया कि सम्मान सिर्फ उस व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सोच और मेहनत का है जो बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में हर दिन खामोशी से लगी हुई है।
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