लखीसराय: NEET-UG 2026 फर्जीवाड़ा मामले में जांच का दायरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लो शुक्रवार को लखीसराय पहुंचे और पूरे मामले की गहन समीक्षा की।
डीआईजी ने जिला अतिथि गृह में स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार और एसडीपीओ शिवम् कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के बाद डीआईजी सीधे तेतरहाट थाना पहुंचे, जहां इस मामले में रिमांड पर लिए गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की।
सूत्रों के अनुसार, डीआईजी ने खुद आरोपियों से सवाल-जवाब किए। इनमें 9 डमी (प्रॉक्सी) अभ्यर्थी, 18 बायोमैट्रिक कर्मी और साजिश में शामिल 2 अन्य आरोपी शामिल हैं। जांच एजेंसियों को जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि 21 जून 2026 को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के दौरान लखीसराय जिले के तीन परीक्षा केंद्रों पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ कि असली अभ्यर्थियों की जगह डमी कैंडिडेट परीक्षा दे रहे थे। वहीं, बायोमैट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई है, जिसके बाद कई बायोमैट्रिक कर्मी भी जांच के घेरे में आ गए हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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