मधुबनी: आर्केस्ट्रा की चमक-दमक के पीछे नाबालिग बालिकाओं के कथित शोषण की शिकायतों पर मधुबनी पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया। जिले के कई थाना क्षेत्रों में एक साथ हुई कार्रवाई में 40 नाबालिग बालिकाओं को रेस्क्यू किया गया, जबकि आर्केस्ट्रा संचालकों समेत तीन महिलाओं सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग), बिहार और मिशन मुक्ति फाउंडेशन के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। एसएसपी योगेंद्र कुमार के आदेश पर स्थानीय पुलिस, मानवाधिकार संस्था और चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम बनाई गई।
इसके बाद बासोपट्टी, अरेर, बेनीपट्टी, खजौली और लौकहा थाना क्षेत्रों में संचालित आर्केस्ट्रा में छापेमारी की गई। पुलिस का कहना है कि इन जगहों पर नाबालिग बालिकाओं को कथित तौर पर अवैध रूप से काम कराया जा रहा था और उनके शोषण की शिकायतें भी सामने आई थीं।
कार्रवाई के दौरान रेस्क्यू की गई सभी बालिकाओं को महिला थाना, मधुबनी लाया गया है। पुलिस के अनुसार, इनमें कई बालिकाएं दूसरे राज्यों से भी लाई गई थीं।
मामले में महिला थाना में कांड संख्या 64/26 दर्ज कर BNS, जेजे एक्ट, बंधुआ मजदूरी कानून और POCSO एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ कथित नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि नाबालिग बालिकाओं को किन परिस्थितियों में आर्केस्ट्रा तक लाया गया और इस पूरे नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।
रेस्क्यू की गई बालिकाओं को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा और तत्काल बालिका गृह में रखा जाएगा।
एसएसपी योगेंद्र कुमार ने कहा कि नाबालिगों को शोषण, अवैध रोजगार या मानव तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
मधुबनी की यह कार्रवाई आर्केस्ट्रा की चमक-दमक के पीछे नाबालिगों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल सामने लाती है।
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