शेखपुरा: डाक टिकट, चिट्ठियों और पार्सल की दुनिया से आगे बढ़कर भारतीय डाक विभाग अब कांवरिया पथ पर भी अपनी जनसेवा की मिसाल पेश कर रहा है। वर्षों से सावन के दौरान कांवरियों की सेवा में जुट रहे डाक विभाग ने इस बार भी अपने कर्मियों का जत्था सेवा भाव और जरूरी सामग्री के साथ शेखपुरा से रवाना किया।
शनिवार को शेखपुरा से रवाना हुए इस सेवा दल का नेतृत्व अनुमंडलीय सहायक डाक अधीक्षक भूषण प्रसाद सिन्हा ने किया। दल में शेखपुरा मुख्य डाकघर से लेकर विभिन्न उप डाकघरों और शाखा डाकघरों में कार्यरत कर्मी शामिल हैं। ये कर्मी बोल बम मार्ग पर असरगंज और जिलेविया मोड़ स्थित भारतीय डाक विभाग के सेवा शिविरों में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
‘डाक सेवा, जन सेवा’ को बनाया सेवा का आधार
सेवा दल के नेतृत्वकर्ता भूषण प्रसाद सिन्हा तथा शेखपुरा मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर विनोद शंकर ने कहा कि भारतीय डाक विभाग का उद्देश्य केवल डाक पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी है। विभाग ने ‘डाक सेवा, जन सेवा’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कांवरिया सेवा शिविरों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवर यात्रा पर निकलते हैं। ऐसे में उनके बीच पहुंचकर सहयोग और सेवा करना विभाग के लिए सामाजिक दायित्व के साथ-साथ आत्मीय संतोष का भी विषय है।
अलग-अलग डाकघरों के कर्मियों की बनी टीम
इस सेवा अभियान में शेखपुरा मुख्य डाकघर के पोस्टमास्टर विनोद शंकर, आरएस के डाकपाल रामकृष्ण उर्फ सोनू बाबू, सिरारी के उप डाकपाल गौरव कुमार, मेहुस के उप डाकपाल रामानुज कुमार सिंह तथा चेवाड़ा के उप डाकपाल सुमित कुमार प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा शिविरों के संचालन में पंकज कुमार, दीपक कुमार, गोपाल कुमार, अजय कुमार, शुभम कुमार, दिब्यांशु कुमार, अंजलि कुमारी, कोमल मीना, राखी कुमारी, कुन्दन कुमार, विपिन कुमार, महताब खान और मो. फखरूद्दीन सहित कई डाककर्मी अपनी सहभागिता निभाएंगे।
कांवरियों के बीच नजर आएगा डाक विभाग का सेवा भाव
डाक कर्मियों का कहना है कि सरकारी विभाग के कर्मचारी होने के साथ-साथ वे समाज का हिस्सा भी हैं। इसलिए कांवरियों के बीच पहुंचकर उनकी मदद करना केवल विभागीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवीय सेवा का अवसर है।
सेवा दल के सदस्यों ने कहा कि डाक विभाग वर्षों से कांवरियों की सेवा के लिए शिविर लगाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाता आ रहा है। इस बार भी कर्मी पूरी तत्परता के साथ शिविरों में मौजूद रहेंगे और कांवरियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
डाकघर से निकला यह जत्था सिर्फ कर्मचारी लेकर नहीं निकला, बल्कि ‘डाक सेवा, जन सेवा’ के उस संदेश को लेकर कांवरिया पथ पर पहुंचा है, जहां सेवा ही सबसे बड़ी पहचान बन जाती है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: किशनगंज अंचल कार्यालय में किन्नरों का हंगामा, ताली बजाकर जताया विरोध; भूदान की जमीन के दाखिल-खारिज पर विवाद!