रांची/चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल धंसने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हादसे में कई मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई श्रमिक अब भी सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फंसे श्रमिकों में झारखंड के खूंटी और गुमला जिले के मजदूर भी शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही झारखंड सरकार सक्रिय हो गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधे बातचीत कर फंसे मजदूरों की सुरक्षा और रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। धामी ने भरोसा दिलाया कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
हेमंत बोले- विकास जरूरी, लेकिन प्रकृति से खिलवाड़ नहीं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि बार-बार सुरंगों और बड़े निर्माण कार्यों में हो रहे हादसे गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के परिणाम लगातार सामने आ रहे हैं।
परिजनों में बेचैनी, सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
टनल हादसे के बाद झारखंड के कई गांवों में चिंता का माहौल है। मजदूरों के परिवार अपने प्रियजनों की जानकारी पाने के लिए लगातार संपर्क कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने विशेष कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-3456-526
व्हाट्सएप हेल्पलाइन:
📞 9470132591
📞 9431336472
📞 9431336427
सरकार ने अपील की है कि जिन लोगों के परिजन या परिचित इस परियोजना में कार्यरत हैं, वे तुरंत इन नंबरों पर जानकारी साझा करें।
चमोली भेजी जा सकती है विशेष टीम
श्रम विभाग और राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को अलर्ट पर रखा गया है। सूत्रों के अनुसार झारखंड सरकार की एक उच्चस्तरीय टीम को चमोली भेजने की तैयारी चल रही है। साथ ही प्रभावित परिवारों को मौके तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी काम किया जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी देश की नजर
टनल के भीतर फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए राहत और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। पूरे देश की निगाहें अब रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं। हर गुजरते घंटे के साथ मजदूरों के परिवारों की चिंता बढ़ती जा रही है, जबकि सरकारें सुरक्षित निकासी के लिए हरसंभव प्रयास का दावा कर रही हैं।
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