पश्चिमी चम्पारण: गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। बीती रात पानी के दबाव के कारण बैरिया इलाके में चंपारण तटबंध टूट गया। तटबंध टूटते ही आसपास के कई गांवों में पानी फैलने लगा, जिससे रात में लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि नेपाल से आने वाली नारायणी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। वहीं गंडक बराज से पानी डिस्चार्ज किए जाने के बाद चंपारण के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इसी बीच अलग-अलग स्थानों पर तटबंध टूटने की सूचना से प्रशासन और जल संसाधन विभाग की चिंता बढ़ गई है।
रात में ही मौके पर पहुंचे एसडीएम
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही बेतिया एसडीएम विकास कुमार रात में ही मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। द्वितीय एसडीएम ने भी रातभर घटनास्थल पर कैंप कर स्थिति पर नजर रखी।
जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन की ओर से तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
कई गांवों में घुसा पानी, बढ़ी लोगों की चिंता
तटबंध टूटने के बाद आसपास के कई गांवों में पानी प्रवेश कर गया है। इससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बराज से पानी छोड़े जाने के बीच तटबंध टूटने की घटना ने पश्चिम चंपारण में बाढ़ की स्थिति को और गंभीर कर दिया है। फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं।
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पश्चिमी चम्पारण से अजय शर्मा की रिपोर्ट…