लखीसराय जिले के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में 9 माह की बालिका परी कुमारी के अंतिम दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। इस मौके पर जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने विधिवत रूप से बच्ची को दत्तक माता-पिता को सुपुर्द किया।
परी कुमारी को 22 दिसंबर 2025 को प्री-अडॉप्शन फोस्टर केयर के तहत ओडिशा के कालाहांडी जिले के एक दंपति को देखभाल के लिए सौंपा गया था। संबंधित दंपति नवी मुंबई में भारतीय स्टेट बैंक में वरीय अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद अब बालिका को स्थायी परिवार मिल गया है।
यह पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई के सहयोग से संपन्न हुई। सहायक निदेशक बंदना पांडेय के मार्गदर्शन में सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
गौरतलब है कि 31 जुलाई 2025 को परी कुमारी को लखीसराय के नया बाजार क्षेत्र में कचरे के पास झाड़ियों में परित्यक्त अवस्था में पाया गया था। इसके बाद उसे संरक्षण में लेकर पालन-पोषण और कानूनी प्रक्रिया के जरिए अब एक सुरक्षित और स्थायी परिवार उपलब्ध कराया गया है।
इस अवसर पर दत्तक ग्रहण संस्थान की समन्वयक मीनाक्षी कुमारी, सोशल वर्कर मुकेश कुमार और नर्स स्वाति कुमारी सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।
यह पहल न केवल एक मासूम को नई जिंदगी देने का उदाहरण है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी संदेश देती है।
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