शेखपुरा: छात्र आंदोलनों के दौरान हो रही गिरफ्तारियों को लेकर कांग्रेस ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शेखपुरा जिला कांग्रेस आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने सरकार की कार्रवाई को लोकतंत्र विरोधी करार दिया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता विपिन चौरसिया ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे छात्रों की गिरफ्तारी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है, जो उसकी तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी छात्रों की आवाज दबाने की हर कोशिश का विरोध करेगी और उनके अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
वहीं प्रखंड अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज, मुकदमे और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक बताया। दीपक सिंह ने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद कर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि कांग्रेस पार्टी छात्रों पर हो रहे अत्याचार, झूठे मुकदमों और लगातार हो रही गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने मांग की कि सरकार सभी गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा करे और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस ले।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर पटना विश्वविद्यालय के NSUI छात्र नेता शांतनु शेखर समेत सभी गिरफ्तार छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो पार्टी पूरे बिहार में चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
प्रेस वार्ता के दौरान यह भी कहा गया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसे दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर पिछड़ा जिला कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राज मंडल, प्रेम कुमार गुप्ता और संजय सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ये खबर भी पढ़े: Explainer: क्या बिहार में बदलने वाला है मुख्यमंत्री का चेहरा? सम्राट चौधरी को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?