पटना: ऑल इंडिया बार काउंसिल (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्र के खिलाफ पटना में वकीलों ने खुलकर विरोध जताया। बिहार राज्य बार काउंसिल के सामने आयोजित सभा में पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने चेयरमैन पर पद के कथित दुरुपयोग और अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए।
सभा के दौरान वकीलों ने ‘BCI चेयरमैन इस्तीफा दो’ के नारे लगाए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए।
‘पद का दुरुपयोग करने का आरोप’
एडवोकेट एसोसिएशन के शताब्दी भवन के सामने हुई सभा में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने मनन कुमार मिश्र पर BCI के पद का कथित तौर पर व्यक्तिगत हित में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। सभा में BCI की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए।
NLU हैदराबाद विवाद का भी जिक्र
वक्ताओं ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी हैदराबाद के दीक्षांत समारोह से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए BCI की ओर से लिए गए कुछ फैसलों पर आपत्ति जताई। आरोप लगाया गया कि विरोध के बाद संबंधित फैसला वापस लेना पड़ा।
वकीलों ने BCI के लेटरहेड के कथित इस्तेमाल और संस्था के फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए।
उपाध्यक्ष को हटाने पर भी नाराजगी
सभा में BCI के उपाध्यक्ष पद से श्रीनाथ त्रिपाठी को हटाए जाने के मुद्दे को भी उठाया गया। इसे लेकर वकीलों ने प्रक्रिया और फैसले की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग
सभा के दौरान वकीलों ने BCI चेयरमैन के खिलाफ लगाए जा रहे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की। इस संबंध में सभा में प्रस्ताव पारित किए जाने की बात कही गई।
हालांकि, कार्यक्रम में लगाए गए आरोपों पर BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्र का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है। मामला अब वकीलों के विरोध और बार काउंसिल की कार्यप्रणाली को लेकर बढ़ती बहस के बीच चर्चा में है।
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