आरा: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी और साहसिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीआई की विशेष टीम ने भोजपुर जिले के आरा स्थित हेड पोस्ट ऑफिस (मुख्य डाकघर) के ओवरसियर पुरुषोत्तम कुमार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। सीबीआई के इस बड़े एक्शन से डाक विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
GDS से हर तीन महीने पर मांगी जा रही थी घूस
जानकारी के अनुसार, जिले के उदवंतनगर प्रखंड अंतर्गत छोटकी सासाराम उप डाकघर में तैनात एक ग्रामीण डाक सेवक (GDS) से सरकारी काम निपटाने और फाइलों को आगे बढ़ाने के एवज में ओवरसियर पुरुषोत्तम कुमार द्वारा लगातार अवैध रकम की मांग की जा रही थी। पीड़ित डाक सेवक हर तीन महीने पर ₹10,000 की रिश्वत की मांग से बेहद परेशान और तंग आ चुका था। अंततः उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए इस पूरे मामले की लिखित शिकायत सीबीआई से कर दी।
CBI ने बिछाया जाल, सरकारी आवास पर हुई गिरफ्तारी
शिकायत दर्ज होने के बाद सीबीआई की टीम ने गोपनीय तरीके से मामले की प्राथमिक जांच की। सत्यता की पुष्टि होते ही टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की। योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता ग्रामीण डाक सेवक रविवार की शाम आरा स्थित ओवरसियर के सरकारी आवास पर पहुंचा और जैसे ही उसने रिश्वत के ₹10,000 पुरुषोत्तम कुमार को सौंपे, आसपास सादे लिबास में मुस्तैद सीबीआई अधिकारियों ने तुरंत धावा बोल दिया।
घूस के पैसे फेंके, परिजनों के विरोध के बीच पुलिस ने संभाला मोर्चा
अचानक सीबीआई की टीम को सामने देखकर आरोपी ओवरसियर बुरी तरह घबरा गया और साक्ष्य मिटाने की नीयत से उसने रिश्वत के पैसे तुरंत बाहर फेंक दिए। हालांकि, मुस्तैद अधिकारियों ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के परिजनों ने सीबीआई की कार्रवाई का विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची नवादा थाना पुलिस ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया।
प्रमोशन के बाद ट्रांसफर हुआ, फिर भी आरा में जमा था आरोपी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी पुरुषोत्तम कुमार हेड पोस्ट ऑफिस में इंस्पेक्टर कार्यालय से संबद्ध था और लंबे समय से ग्रामीण डाक सेवकों से अवैध वसूली का सिंडिकेट चला रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी का महज दो दिन पहले ही प्रमोशन के साथ अरवल जिले में ट्रांसफर हो चुका था। इसके बावजूद वह आरा में ही जमा हुआ था और तबादले के बाद भी भ्रष्टाचार के इस खेल को अंजाम दे रहा था।
फिलहाल सीबीआई की टीम आरोपी ओवरसियर को अपनी हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ कर रही है, ताकि इस रिश्वतखोरी सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद सीबीआई अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और आधिकारिक बयान देने से परहेज किया।