लखीसराय: शहर के पुरानी बाजार स्थित चित्तरंजन रोड के श्री राणी सती दादी मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय भादो महोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच संपन्न हुआ। समापन अवसर पर 108 सुहागिन महिलाओं ने सामूहिक महामंगल पाठ किया। दादी जी के जयकारों के बीच महिलाएं भक्ति के रंग में रंगी नजर आईं। इसके बाद महाप्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
समापन से पहले मंदिर परिसर में महाआरती की गई। पारंपरिक और रंग-बिरंगे परिधानों में सजी 108 महिलाएं जब सामूहिक मंगल पाठ में शामिल हुईं तो पूरा मंदिर परिसर दादी जी के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। माहौल ऐसा रहा कि श्रद्धालु देर तक भक्ति में झूमते नजर आए।

ज्योति पूजन से शुरू हुआ था भक्ति का सिलसिला
महोत्सव के पहले दिन मंदिर में ज्योति पूजन के साथ धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। राणी सती दादी जी का अलौकिक श्रृंगार किया गया और आकर्षक तरीके से दरबार सजाया गया। दादी जी को छप्पन भोग अर्पित किया गया।
इसके बाद आयोजित भजन संध्या में चीरकुंडा की प्रसिद्ध भजन गायिका मनीषा अग्रवाल ने भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए और मंदिर परिसर देर रात तक भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

सजाया गया दादी जी का भव्य दरबार
भादो महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। दादी जी के दरबार में विशेष श्रृंगार के साथ पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। दो दिनों तक मंदिर में भजन-कीर्तन, मंगल पाठ, आरती और प्रसाद वितरण का सिलसिला चलता रहा।
महोत्सव के अंतिम दिन 108 सुहागिन महिलाओं की भागीदारी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। सामूहिक मंगल पाठ के दौरान महिलाओं ने दादी जी की आराधना की और जयकारे लगाए। इसके बाद महाप्रसाद भंडारे के साथ दो दिवसीय आयोजन का समापन हुआ।
आयोजन में समिति के पदाधिकारी रहे सक्रिय
महोत्सव को सफल बनाने में मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष मधुसूदन शर्मा, सचिव अशोक राजगढ़िया, पूर्व सचिव राजेश हरितवाल और कोषाध्यक्ष अंकित शर्मा समेत समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
दो दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन ने पुरानी बाजार स्थित मंदिर परिसर को भक्ति और उत्सव के माहौल से भर दिया। श्रद्धालुओं के लिए यह महोत्सव धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सामूहिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का भी अवसर बना।
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