भारत/नेपाल: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। परियोजना प्रबंधन के अनुसार, 545 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 50 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। सुरंग और हेडबॉक्स क्षेत्र में खोज अभियान चलाया जा रहा है।
लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाली सेना के साथ नेपाल ड्रोन एसोसिएशन, दक्षिण कोरियाई टीम, शेरपा दल और प्रशिक्षित सर्च डॉग की मदद ली जा रही है। सुरंग के भीतर संभावित फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए तकनीकी उपकरणों और विशेष बचाव टीमों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। नेपाल सरकार ने भी अपर त्रिशूली-1 समेत कई प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की टनल-रेस्क्यू टीमों के सक्रिय होने की जानकारी दी है।
1,433 कर्मचारियों में से 878 का रेस्क्यू
परियोजना प्रबंधन के मुताबिक, बाढ़ आने से पहले अपर त्रिशूली-1 परियोजना स्थल पर कुल 1,433 कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें से अब तक 878 लोगों को सुरक्षित निकाले जाने की जानकारी दी गई है। वहीं बड़ी संख्या में कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
परियोजना में लापता लोगों में 9 दक्षिण कोरियाई, 34 चीनी और 50 भारतीय नागरिक शामिल होने की बात कही गई है। शेष लापता लोगों में नेपाली नागरिक बताए गए हैं।
सुरंगों में बचाव अभियान से जगी उम्मीद
नेपाल में बाढ़ के बाद जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। अपर त्रिशूली-1 की सुरंग से 5 सितंबर को एक चीनी नागरिक को जीवित निकालने की जानकारी नेपाल सरकार ने दी थी। इससे अन्य सुरंगों में फंसे लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की टनल-रेस्क्यू टीमें नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही हैं। ड्रोन, पंप और अन्य बचाव उपकरणों की मदद से सुरंगों की तलाशी जारी है।
फिलहाल अपर त्रिशूली-1 परियोजना में लापता लोगों के परिजन राहत और किसी सकारात्मक खबर का इंतजार कर रहे हैं। बचाव दल सुरंगों और अन्य प्रभावित हिस्सों में लगातार अभियान चला रहे हैं।
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