लखीसराय: शुक्रवार को लखीसराय में बैंकिंग व्यवस्था पर कर्मचारियों की हड़ताल का असर देखने को मिला। सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत कई मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर बैंककर्मियों और अधिकारियों ने देशव्यापी हड़ताल में हिस्सा लिया। UFBU ने 11 सितंबर की हड़ताल का आह्वान मुख्य रूप से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर किया है।
हड़ताल के दौरान लखीसराय में बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि पांच कार्य दिवस की व्यवस्था की मांग लंबे समय से लंबित है। UFBU के अनुसार, मार्च 2024 में हुए समझौते में इस मुद्दे पर सहमति बनी थी और इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन अब तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
पांच दिन बैंकिंग से लेकर भर्ती तक कई मांगें
बैंककर्मियों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करना, द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करना, PLI व्यवस्था में सुधार तथा बैंकों में पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती शामिल है। UFBU ने बैंक शाखाओं में क्लेरिकल और सब-स्टाफ की कमी को भी प्रमुख मुद्दा बताया है।
लखीसराय के बैंककर्मी भी आंदोलन में शामिल
स्थानीय स्तर पर हड़ताल और विरोध प्रदर्शन में PNB के विनोद कुमार, संजीव हँसदा, शिव राज कुमार, पप्पू कुमार, धीरज कुमार, अभिषेक कुमार और प्रियांशु कुमार सहित बैंककर्मी शामिल रहे। वहीं बैंक ऑफ इंडिया के अशोक कुमार ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
आंदोलन का नेतृत्व यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के जिला संयोजक मुकेश कुमार के साथ शैलेन्द्र कुमार, राहुल कुमार और संजना कुमारी ने किया।
‘मांग पूरी होने तक संघर्ष’ का संदेश
बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था उनका प्रमुख मुद्दा है। UFBU ने सरकार की ओर से फिलहाल कोई निश्चित समयसीमा नहीं मिलने के कारण 11 सितंबर की हड़ताल वापस लेने से इनकार किया।
लखीसराय में बैंककर्मियों के प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था का मुद्दा अब सिर्फ यूनियन की बैठक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे लेकर कर्मचारी सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
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