नालंदा: नालंदा पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित भव्य दीक्षांत समारोह के साथ 162 प्रशिक्षु सिपाहियों का छह महीने का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा हो गया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये सभी जवान बिहार पुलिस का हिस्सा बनकर जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि आईजी जितेंद्र राणा ने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षु जवानों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का बड़ा माध्यम है।
आईजी ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्दी का सम्मान ही पुलिस की असली पहचान है। उन्होंने सभी जवानों से अनुशासन बनाए रखने, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ काम करने तथा आम लोगों के साथ बेहतर व्यवहार करने की अपील की।
इस मौके पर नालंदा के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आधुनिक पुलिसिंग के लिए तैयार किया गया। उन्हें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह की कड़ी ट्रेनिंग दी गई।
प्रशिक्षण में नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जानकारी दी गई। इसके अलावा साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया।
जवानों को राजगीर स्थित CRPF अकादमी में फायरिंग, बैटल ऑब्सटेकल कोर्स और शारीरिक दक्षता का भी कठिन अभ्यास कराया गया, ताकि वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर तरीके से काम कर सकें।
अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जवान बिहार के रोहतास, कैमूर, बक्सर और समस्तीपुर सहित उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों से भी हैं। यह प्रशिक्षण ‘एक भारत’ की भावना को मजबूत करने का उदाहरण है।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी 162 जवान अब अरवल और जहानाबाद जिलों में अपनी सेवाएं देंगे। पुलिस अधिकारियों ने विश्वास जताया कि ये नए सिपाही पूरी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।
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