हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात राहुल दुबे गैंग के दो खूंखार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब पुलिस कनकी मोड़ पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी और एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी को रोकने की कोशिश की गई।
मिली जानकारी के अनुसार, 06 जुलाई 2026 की रात पुलिस अधीक्षक अमन कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ शातिर अपराधी हथियारों से लैस होकर सफेद रंग की स्कॉर्पियो (JH-10AR-8705) से गिद्दी और मांडू होते हुए हजारीबाग की ओर बढ़ रहे हैं। सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बड़कागांव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने कनकी मोड़ के पास सघन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान तेज रफ्तार से आती एक स्कॉर्पियो को रोकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखकर वाहन चालक ने कुछ दूरी पर गाड़ी रोक दी और उसमें सवार लोग भागने लगे। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के आगे उनकी एक नहीं चली और जवानों ने दौड़ाकर दो अपराधियों को मौके पर ही दबोच लिया।
तलाशी के दौरान उनके पास से एक अवैध लोडेड देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो मैगजीन और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। साथ ही घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो गाड़ी को भी जब्त कर लिया गया।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मोहित सिंह उर्फ कुणाल (19 वर्ष) और भोला उर्फ ओम प्रकाश पाल (34 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे राहुल दुबे गैंग के सक्रिय सदस्य हैं और इलाके में रंगदारी वसूली, लूट, फिरौती और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मोहित सिंह का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह दिसंबर 2025 में उरीमारी में हुई फायरिंग और जनवरी 2026 में हथियार के साथ जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद जून 2026 में उसने गिद्दी सीओ चेकपोस्ट पर भी फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने कहा कि जिले में अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी सूरत में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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