लखीसराय: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में लखीसराय की विशेष POCSO अदालत ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी आशुतोष कुमार को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर कुल 1.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला महिला थाना कांड संख्या-35/23 से जुड़ा है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश (POCSO एक्ट) श्वेता वर्मा की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद यह सजा सुनाई। पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और समय पर समर्पित आरोप-पत्र के आधार पर मामले का स्पीडी ट्रायल कराया गया।
POCSO की धारा 6 में 20 साल की सजा
अदालत ने POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत आशुतोष कुमार को 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं, धारा 506 IPC के तहत दो वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास होगा।
घर में रहकर काम सीखता था आरोपी
पुलिस के अनुसार, घटना को लेकर 18 अप्रैल 2023 को महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी पीड़ित परिवार के घर पर रहकर गेट-ग्रिल बनाने का काम सीखता था।
पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया। मामले में महिला थाना पुलिस ने जांच पूरी कर समय पर आरोप-पत्र अदालत में दाखिल किया।
पुलिस की पैरवी और स्पीडी ट्रायल से पहुंचा फैसला
लखीसराय पुलिस ने मामले में साक्ष्य जुटाकर आरोप-पत्र समर्पित किया और स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषी को सजा दिलाने की दिशा में कार्रवाई की। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक गुप्तेश्वर सिंह ने पैरवी की।
मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी पुअनि रेशम कुमारी ने संभाली थी।
पुलिस की ओर से कहा गया है कि नाबालिगों के विरुद्ध गंभीर अपराधों में प्रभावी अनुसंधान, साक्ष्य संकलन और न्यायालय में मजबूत पैरवी के जरिए दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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