भारत/नेपाल: नेपाल के सप्तरी जिले के राजविराज में एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल पहुंची गरीब महिला को कथित तौर पर जरूरी जांच के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं होने के कारण भर्ती नहीं किया गया, जिसके बाद उसने अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर बच्चे को जन्म दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला नेपाल की संसद में भी उठाया गया है।
घटना राजविराज नगरपालिका-14, पर्साही निवासी हरेराम पासवान की पत्नी बबिता पासवान से जुड़ी है। रिपोर्टों के अनुसार मंगलवार रात प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद बबिता अपने पति और रिश्तेदार महिलाओं के साथ गजेन्द्रनारायण सिंह सगरमाथा अस्पताल पहुंची थीं।
परिवार का आरोप है कि अस्पताल में प्रसूति विभाग की ओर से अल्ट्रासाउंड तथा रक्त और पेशाब की जांच कराने को कहा गया। इन जांचों के लिए करीब 2,500 नेपाली रुपये की जरूरत बताई गई, जबकि परिवार तत्काल यह रकम जुटाने की स्थिति में नहीं था। कुछ रिपोर्टों में जांच का संभावित खर्च करीब 3,200 रुपये तक बताए जाने की बात भी सामने आई है।
परिवार के मुताबिक, पैसे की व्यवस्था नहीं होने के बाद बबिता अस्पताल से बाहर आ गईं। कुछ समय बाद उनकी प्रसव पीड़ा बढ़ गई और अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर ही बच्चे का जन्म हो गया।
अस्पताल ने परिवार के दावे से अलग बताई स्थिति
मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है। अस्पताल से जुड़े अधिकारियों ने दावा किया कि महिला अस्पताल आई थी और जांच के लिए भेजे जाने के बाद वह बाहर चली गई। अस्पताल की ओर से घटना की जांच के लिए समिति बनाने की बात भी कही गई है।
वहीं, अन्य रिपोर्टों के अनुसार घटना सामने आने के बाद महिला और नवजात को दोबारा अस्पताल लाया गया और दोनों की स्वास्थ्य जांच की गई।
संसद में भी उठा मामला
फुटपाथ पर प्रसव की घटना ने नेपाल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है। सांसदों ने प्रतिनिधिसभा में मामला उठाते हुए सरकार से जवाब और घटना की जांच की मांग की है।
घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है—जब गरीब परिवार इलाज का खर्च तत्काल नहीं जुटा पाता, तो सरकारी अस्पताल में उसे सुरक्षित प्रसूति सेवा कैसे मिलेगी? फिलहाल घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अस्पताल प्रशासन और परिवार के दावों में अंतर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया और इलाज के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
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