बगहा: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से भटके बाघ ने एक बार फिर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। रामनगर वन क्षेत्र के बरवा बंजरिया गांव में बाघ की मौजूदगी की सूचना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि इस बार बाघ अकेला नहीं बल्कि शावकों के साथ बाघिन भी नजर आई है।
बाघ की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। टीम ने बाघ के पगमार्ग को ट्रैक कर उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी है।
खेतों में जाने से बच रहे ग्रामीण
बाघ की दस्तक के बाद बरवा बंजरिया गांव के लोग डर के साए में हैं। ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाना कम कर दिया है और जंगल से सटे इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। लोगों का कहना है कि करीब एक सप्ताह पहले भी इसी इलाके में बाघ देखा गया था।
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
रामनगर वन क्षेत्र के अधिकारियों के अनुसार इलाके में बाघ की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है और पगमार्ग के आधार पर बाघ की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से वापस जंगल में भेजा जा सके।
रेंजर विजय प्रसाद ने बताया कि इलाके में बाघ की मौजूदगी को लेकर टीम पूरी तरह अलर्ट है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले खेत या जंगल की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
भोजन और नए इलाके की तलाश में आबादी तक पहुंचते हैं बाघ
वन अधिकारियों के मुताबिक वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में इस समय करीब 70 बाघ हैं। कई बार भोजन, क्षेत्र विस्तार या नए इलाके की तलाश में बाघ जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं।
फिलहाल बरवा बंजरिया गांव में वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है। ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बाघ को कब तक सुरक्षित जंगल में वापस भेजा जाता है।

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