मुजफ्फरपुर/छपरा: रेलवे टिकट में हेराफेरी कर सफर करने वाले एक गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। पवन एक्सप्रेस में टिकट जांच के दौरान ऐसा मामला सामने आया, जिसने रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। मुजफ्फरपुर रेल पुलिस और आरपीएफ की कार्रवाई में चार यात्रियों को फर्जी टिकट के साथ गिरफ्तार किया गया है।
मामला ट्रेन संख्या 11062 जयनगर-लोकमान्य तिलक पवन एक्सप्रेस का है। हाजीपुर स्टेशन के पास टिकट जांच के दौरान सीटीआई राकेश कुमार सिंह ने बी-4 कोच की बर्थ संख्या 9, 10, 11 और 12 पर यात्रा कर रहे यात्रियों के टिकट की जांच की।
तकनीकी जांच में टिकटों में गड़बड़ी सामने आई। टिकट की तारीख सही थी, लेकिन टिकट पर दर्ज जारीकर्ता स्टेशन के नाम में छेड़छाड़ कर बदलाव किया गया था। इसके बाद रेलवे अधिकारियों को शक हुआ और मामले की जांच शुरू हुई।
जांच में चार यात्रियों के टिकट संदिग्ध पाए गए। इनमें मो. अशरफ अली (दरभंगा), खलील उर रहमान (पूर्वी चंपारण), आरिफ आलम और राम कुमार साहू शामिल हैं।
बताया गया कि हाजीपुर स्टेशन पर यात्रियों को उतारने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं उतरे। इसके बाद छपरा स्टेशन पर चारों को ट्रेन से उतारकर गिरफ्तार किया गया। इनके पास से दो संदिग्ध टिकट और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
अब खुलेगा फर्जी टिकट नेटवर्क का राज!
पूछताछ में आरोपी टिकट उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति या नेटवर्क के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। अब रेल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी टिकट का यह खेल सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह काम कर रहा है।
रेलवे पुलिस टिकट उपलब्ध कराने वाले एजेंटों, संभावित गिरोह और तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल (CDR) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में किसी संगठित गिरोह या रेलवे से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक टिकट की हेराफेरी से शुरू हुआ मामला अब बड़े नेटवर्क की जांच तक पहुंच गया है।
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