शेखपुरा: ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में शेखपुरा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), शेखपुरा में चल रहे 12 दिवसीय डेयरी एवं वर्मी कंपोस्ट मेकिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का सोमवार को समापन हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी 35 महिला प्रशिक्षणार्थियों यानी जीविका दीदियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में संस्थान के निदेशक राजीव रंजन और वरीय संकाय सदस्य रघुवीर कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के लिए डेयरी और जैविक खाद निर्माण जैसे कार्य कम लागत में आय का साधन विकसित करने की संभावनाएं पैदा कर सकते हैं।
सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, अपना कारोबार शुरू करने की तैयारी
समारोह के दौरान संस्थान की ओर से बताया गया कि RSETI का उद्देश्य बेरोजगार युवक-युवतियों को विभिन्न व्यवसायों का निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें अपना रोजगार शुरू करने के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षणार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि डेयरी व्यवसाय से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी भी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को गाय की नस्ल, पशु आहार और चारा प्रबंधन, पशुओं में होने वाली बीमारियां, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान का समय, पशु शेड की व्यवस्था और रखरखाव, पशु बीमा समेत डेयरी फार्म संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
संस्थान की ओर से बताया गया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को इस तरह तैयार करना है कि वे कार्यक्रम पूरा करने के बाद अपनी क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर डेयरी फार्म शुरू करने और उसे व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
35 महिलाओं को मिला प्रमाण पत्र, स्वरोजगार की उम्मीद
12 दिनों तक चले प्रशिक्षण के बाद प्रमाण पत्र मिलने से प्रशिक्षणार्थियों में उत्साह नजर आया। कार्यक्रम के दौरान उन्हें बताया गया कि किसी भी छोटे व्यवसाय को सफल बनाने के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ पशुओं की उचित देखभाल, स्वच्छता, संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और बाजार की समझ भी जरूरी है।
डेयरी के साथ वर्मी कंपोस्ट मेकिंग की जानकारी भी प्रशिक्षण का अहम हिस्सा रही। जैविक खाद निर्माण को ग्रामीण स्तर पर अतिरिक्त आय के संभावित साधन के तौर पर विकसित किया जा सकता है। इससे डेयरी और कृषि गतिविधियों को एक-दूसरे से जोड़ने का अवसर भी मिलता है।
अक्टूबर से मशरूम उत्पादन का नया प्रशिक्षण
RSETI के वरीय संकाय सदस्य रघुवीर कुमार ने बताया कि संस्थान में जल्द ही एक और रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। अक्टूबर माह से मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी है।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण में रुचि रखने वाले इच्छुक अभ्यर्थी संस्थान से संपर्क कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर 8210524494 पर संपर्क करने की जानकारी दी गई।
ग्रामीण महिलाओं के लिए बढ़ रहे स्वरोजगार के विकल्प
डेयरी, वर्मी कंपोस्ट और मशरूम उत्पादन जैसे प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को पारंपरिक कामकाज के साथ नए आय-विकल्पों से जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं। प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने की शुरुआती जानकारी मिलने से उनके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान की ओर से प्रशिक्षणार्थियों को आगे भी प्रशिक्षण से मिली जानकारी का व्यावहारिक उपयोग करने और अपने व्यवसाय को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
समापन समारोह में संकाय सदस्य अभिनव प्रसून, कार्यालय सहायक साक्षी प्रिया एवं रविशंकर समेत संस्थान से जुड़े अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। 35 महिला प्रशिक्षणार्थियों के हाथों में प्रमाण पत्र के साथ अब उनके सामने प्रशिक्षण को वास्तविक स्वरोजगार में बदलने की चुनौती और अवसर दोनों हैं।
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