पटना: पटना जिले के धनरुआ थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। एक व्यक्ति पर अपनी जीवित पत्नी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगा है। मामले की जांच के बाद धनरुआ थाना पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान धनरुआ थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर गांव निवासी अभिषेक शिवरंजन कुमार के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय कंचन सिंह का पुत्र बताया गया है।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र की जानकारी से खुला मामला
पुलिस के अनुसार, मामले की जानकारी सामने आने के बाद धनरुआ थाना में जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज और तथ्य मिले, जिनसे जीवित पत्नी के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के प्रयास की बात सामने आई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।
23 अगस्त 2025 से जुड़ा है मामला
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले में धनरुआ थाना में कांड संख्या 513/25 दर्ज है। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (ens) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र किस उद्देश्य से तैयार कराया गया था। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रमाण पत्र तैयार कराने या उसके इस्तेमाल की प्रक्रिया में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
पुलिस खंगाल रही दस्तावेजों की पूरी कड़ी
मामले में पुलिस सिर्फ आरोपी पति की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहती। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किस स्तर पर किया गया, कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए और प्रमाण पत्र तैयार कराने की कोशिश में किसी अन्य व्यक्ति या संस्था की भूमिका थी या नहीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच के साथ संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
थानाध्यक्ष बोले- गंभीरता से हो रही जांच
धनरुआ थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसके इस्तेमाल से जुड़े मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि जांच का मुख्य उद्देश्य कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के पीछे की वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाना है।
आरोपी को कोर्ट में किया गया पेश
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उसे न्यायालय में पेश किया। अब मामले में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्यों बनवाया गया मृत्यु प्रमाण पत्र, यही सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि जब पत्नी जीवित थी तो उसके नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की कथित कोशिश क्यों की गई। पुलिस इसी बिंदु को केंद्र में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और दस्तावेजों से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले के पीछे की वास्तविक वजह और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा।
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