पटना: पटना में सरकारी बंगला खाली करने को लेकर लालू परिवार और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi ने भवन निर्माण विभाग से एक बार फिर बंगले में मौजूद सरकारी सामान की पूरी सूची (चार्ज रजिस्टर) उपलब्ध कराने की मांग की है और साथ ही 5 जुलाई तक आवास खाली करने के लिए अतिरिक्त समय देने की अपील की है।
इसी बीच उनके पुत्र और नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने सोमवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली कर दिया और वे 1 पोलो रोड स्थित अपने नए आवास में शिफ्ट हो गए हैं। बंगला खाली करने की अंतिम समय-सीमा आज समाप्त हो रही है।
सामान लिस्ट को लेकर विवाद
राबड़ी देवी की ओर से भवन निर्माण विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 2006 में आवास आवंटन के समय दिया गया चार्ज रजिस्टर अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस रजिस्टर में सभी सरकारी सामानों की सूची दर्ज थी।
उन्होंने मांग की है कि पहले यह सूची उपलब्ध कराई जाए ताकि आवास खाली करते समय किसी भी सामान के मिलान में भ्रम की स्थिति न बने और भविष्य में कोई विवाद उत्पन्न न हो।
5 जुलाई तक समय की मांग
राबड़ी देवी के आप्त सचिव की ओर से भेजे गए पत्र में 5 जुलाई तक अतिरिक्त समय देने की अपील की गई है। खास बात यह है कि इसी दिन राजद का स्थापना दिवस भी है।
शिफ्टिंग और मौजूदा स्थिति
सूत्रों के अनुसार, 10 सर्कुलर रोड से सामानों की शिफ्टिंग शुरू हो चुकी है और कई सामान छोटे वाहनों के जरिए कौटिल्य नगर स्थित आवास तक पहुंचाए जा रहे हैं।
वहीं सरकार ने यह बंगला पहले ही मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया है, लेकिन अब तक खाली नहीं होने के कारण उन्हें कब्जा नहीं मिल पाया है।
वैकल्पिक आवास की स्थिति
सरकार द्वारा आवंटित 39 हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में अभी लगभग 70% काम ही पूरा हुआ है। पेंटिंग, फर्नीचर और एसी लगाने का काम जारी है, जिससे फिलहाल वहां शिफ्टिंग संभव नहीं है।
इसके अलावा कौटिल्य नगर और महुआ बाग स्थित निजी आवासों में भी निर्माण कार्य अधूरा है, जिन्हें पूरी तरह तैयार होने में अभी कई दिन से लेकर कुछ महीनों तक का समय लग सकता है।
राजनीतिक हलचल
इसी बीच लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र Tej Pratap Yadav भी 10 सर्कुलर रोड पहुंचे और मीडिया से बातचीत के दौरान सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
प्रशासन का रुख
भवन निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद भी यदि आवास खाली नहीं किया गया, तो सरकारी नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।