पटना: बिहार में संगठित अपराध और भू-माफियाओं के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। ईओयू के निशाने पर आए कुख्यात भू-माफिया गुड्डू यादव और संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पुलिस जल्द ही अदालत में कुर्की-जब्ती का आवेदन दाखिल करेगी।
ईओयू की जांच में दोनों आरोपियों पर गुंडागर्दी, रंगदारी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अकूत संपत्ति अर्जित करने के आरोप सामने आए हैं। अधिकारियों का दावा है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों का पूरा ब्योरा जुटा लिया गया है और अब उनकी आर्थिक ताकत को खत्म करने की तैयारी है।
कौन है संतोष डॉन?
पटना और नालंदा जिले में सक्रिय भू-माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन लंबे समय से पुलिस के रडार पर रहा है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईओयू ने 13 जून 2026 को उसके और उसके गिरोह से जुड़े 25 आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
जांच में सामने आया कि पिछले आठ वर्षों के दौरान संतोष डॉन ने 75 से अधिक अचल संपत्तियां अपने नाम या सहयोगियों के जरिए खरीदीं। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 13.30 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
कौन है गुड्डू यादव?
जमुई, नवादा और लखीसराय जिले में सक्रिय गुड्डू यादव पर विभिन्न थानों में 39 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ईओयू ने 28 जुलाई 2026 को उसके और उसके 17 सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
जांच एजेंसी के अनुसार गुड्डू यादव ने अपने और अपनी पत्नी के नाम पर 29 संपत्तियां खरीदी हैं। इसके अलावा उसके करीबी सहयोगियों के नाम पर 61 अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन संपत्तियों का बड़ा हिस्सा अवैध कमाई से खड़ा किया गया है।
दहशत और फर्जीवाड़े से खड़ा किया साम्राज्य
ईओयू की प्राथमिकी के मुताबिक, दोनों भू-माफियाओं ने लोगों में भय का माहौल बनाकर, जमीन कारोबार में दबंगई दिखाकर और दस्तावेजों में हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटाई। जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध तरीके से अर्जित इन संपत्तियों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई अंतिम चरण में है।
आर्थिक रीढ़ तोड़ने की तैयारी
बिहार पुलिस और ईओयू का मानना है कि संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करना भी जरूरी है। इसी रणनीति के तहत दोनों माफियाओं की पहचान की गई संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी की जा रही है।
यदि अदालत से अनुमति मिलती है तो आने वाले दिनों में गुड्डू यादव और संतोष डॉन के करोड़ों रुपये के अवैध साम्राज्य पर सरकार का कब्जा हो सकता है।
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