पटना: बिहार में बाढ़ और कई इलाकों में कम बारिश से बनी सूखे जैसी स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल राहत की मांग की है। उन्होंने बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों को कम से कम 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा बिहार की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग उठाई है।
तेजस्वी यादव ने रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बिहार में एक तरफ बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित है, वहीं कम बारिश के कारण कई क्षेत्रों में फसल और खेती पर असर पड़ा है। उन्होंने प्रभावित इलाकों का सर्वे कराकर किसानों को फसल नुकसान के आधार पर मुआवजा देने की मांग भी की।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भी सहायता की मांग
तेजस्वी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक मदद की मांग की। उन्होंने कहा कि पानी उतरने के बाद भी प्रभावित परिवारों की परेशानियां खत्म नहीं होतीं और उन्हें भोजन, कपड़े, बर्तन समेत अन्य जरूरी सामान की जरूरत रहती है।
उन्होंने राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई को पर्याप्त समय तक संचालित करने की जरूरत बताई। तेजस्वी ने दावा किया कि कुछ स्थानों पर राहत व्यवस्था जल्द बंद कर दी गई।
बारिश की कमी से खेती प्रभावित होने का दावा
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बने हैं। उन्होंने सरकार से बाढ़ के साथ-साथ सूखा प्रभावित क्षेत्रों का भी सर्वे कराने की मांग की है, ताकि फसल नुकसान का आकलन कर किसानों को सहायता दी जा सके।
राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार में बाढ़ की स्थिति को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग दोहराई। उन्होंने केंद्र से राज्य के लिए अतिरिक्त राहत और पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने केंद्र से मिलने वाली सहायता और पीएम केयर्स फंड समेत विभिन्न माध्यमों से बिहार को मिली राशि को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री के बिहार दौरे के दौरान सूखा प्रभावित क्षेत्रों का भी जायजा लेने की जरूरत बताई।
सरकार की राहत व्यवस्था पर सवाल
तेजस्वी ने बिहार सरकार की आपदा राहत व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने अपने पूर्व सरकार कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आपदा प्रबंधन के लिए बजट प्रावधान का भी जिक्र किया और मौजूदा सरकार से आपदा मद में उपलब्ध राशि के इस्तेमाल की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
हालांकि, तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए सरकार पर आरोप राजनीतिक दावे हैं। वहीं सरकारी स्तर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। 20 सितंबर तक राज्य के 16 जिलों के 88 प्रखंडों में करीब 40.72 लाख लोगों के बाढ़ से प्रभावित होने की जानकारी राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के हवाले से सामने आई है।
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