शेखपुरा: शहर के बंगाली पर मोहल्ले के अंतर्गत विमल टेंट गोदाम वाली गली में जलापूर्ति व्यवस्था की समस्या ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इनडोर स्टेडियम के समीप स्थित पानी टंकी से होने वाली सप्लाई की पाइपलाइन में पिछले चार दिनों से लीकेज की समस्या बनी हुई है। इसका असर अब लोगों के घरों तक पहुंच गया है। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि नलों से साफ पानी के बजाय गंदा पानी आ रहा है। स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग पीने के लिए पानी खरीदने को मजबूर हैं। वहीं नहाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कामों के लिए भी पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब घरों में जलापूर्ति हो रही है, तो लोगों को पीने के लिए अलग से पानी क्यों खरीदना पड़ रहा है? पानी की सप्लाई होने के बावजूद यदि वह इस्तेमाल के लायक नहीं है, तो आम लोगों के लिए यह व्यवस्था किस काम की?
चार दिनों से लीकेज, लेकिन लोगों को राहत कब?
स्थानीय सुराजी कुमार, विजय कुमार, राजेश कुमार के अनुसार, इनडोर स्टेडियम के समीप पानी टंकी से आने वाली सप्लाई लाइन में चार दिनों से पानी का रिसाव हो रहा है। लगातार लीकेज के कारण आसपास पानी फैल रहा है और गली में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई घरों में गंदा पानी भी प्रवेश कर गया है। अब नलों से आने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि नल से आने वाले पानी का इस्तेमाल पीने के लिए नहीं किया जा सकता। ऐसे में परिवारों को मजबूरी में बाजार से पीने का पानी खरीदना पड़ रहा है। इससे रोजाना खर्च का अतिरिक्त बोझ भी बढ़ गया है।
पीने के पानी के लिए जेब ढीली, नहाने-धोने में भी संकट
जलापूर्ति में गड़बड़ी का असर केवल पीने के पानी तक सीमित नहीं है। गंदे पानी की समस्या के कारण लोग नहाने और घरेलू उपयोग के लिए भी परेशान हैं। परिवारों को यह चिंता सता रही है कि आखिर किस पानी का इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से किया जाए। बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है।
स्थानीय राजू पासवान, कारु कुमार आदि का कहना है कि नियमित जलापूर्ति का उद्देश्य लोगों को घर तक पानी उपलब्ध कराना है, लेकिन जब सप्लाई का पानी ही गंदा आने लगे तो लोगों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ती है। एक तरफ पानी खरीदने पर खर्च बढ़ रहा है, दूसरी तरफ रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
संबंधित विभाग से सवाल—चार दिनों से समस्या का समाधान क्यों नहीं?
स्थानीय लोगों ने संबंधित जलापूर्ति विभाग और नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों की मांग है कि पाइपलाइन में लीकेज की तत्काल जांच कर मरम्मत कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि सप्लाई का पानी गंदा क्यों आ रहा है और क्या पाइपलाइन में किसी तरह की गड़बड़ी के कारण पानी दूषित हो रहा है।
लोगों ने प्रभावित इलाके की पानी की गुणवत्ता की जांच कराने, गली में जमा पानी की निकासी और साफ-सफाई कराने की भी मांग की है। जब तक पानी की गुणवत्ता की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
अब कार्रवाई का इंतजार
बंगाली पर मोहल्ले के विमल टेंट गोदाम वाली गली के निवासियों का सवाल सीधा है—जब पानी टंकी से सप्लाई हो रही है, तो लोगों को पीने के लिए पानी खरीदने की नौबत क्यों आ रही है? चार दिनों से जारी लीकेज और गंदे पानी की शिकायत के बीच अब स्थानीय लोग संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं। देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान कराते हैं और लोगों को साफ एवं सुरक्षित पानी उपलब्ध हो पाता है।
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