नई दिल्ली/बिहार: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच की मांग को लेकर सोमवार को दिल्ली में साधु-संतों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे करीब 500 साधु-संत मंडी हाउस में जुटे और सीबीआई की निगरानी में जांच कराने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच करने लगे।
इस प्रदर्शन में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी संतों के साथ शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका तो मामला अचानक हाईवोल्टेज हो गया।
पुलिस ने रोका तो सड़क पर लेट गए पप्पू यादव
संतों का जुलूस प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहा था। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया।
पुलिस की रोक के बाद कई साधु-संत सड़क पर बैठ गए। विरोध बढ़ा तो कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए। पप्पू यादव भी सड़क पर लेटकर संतों के साथ विरोध जताते नजर आए।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में मांगों से जुड़ी तख्तियां थीं और वे जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे।
बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और पप्पू यादव समेत कुछ लोगों को हिरासत में लेकर दूसरी दिशा में भेज दिया।
राम मंदिर के चढ़ावे की जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले चढ़ावे की कथित हेराफेरी की सीबीआई की निगरानी में जांच कराने की थी।
संतों का कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शन में अयोध्या की हनुमानगढ़ी सहित अलग-अलग अखाड़ों से जुड़े संतों के शामिल होने की बात कही गई है।
पहले संसद में किया था ‘दानपात्र’ वाला प्रदर्शन
राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा पप्पू यादव इससे पहले भी संसद परिसर में उठा चुके हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने साधु का वेश धारण कर दानपात्र से चढ़ावा निकालने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया था।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कुछ विपक्षी सांसदों ने दानपात्र में चंदा डाला था। पप्पू यादव ने इस प्रदर्शन के जरिए राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद पर सवाल उठाए थे।
विरोध के बाद संत संगठनों ने जताई थी नाराजगी
संसद परिसर में किए गए प्रदर्शन के बाद कुछ संत संगठनों ने पप्पू यादव के खिलाफ नाराजगी जताई थी। संगठनों ने आरोप लगाया था कि उनके प्रदर्शन से साधु समाज और धार्मिक परंपराओं का अपमान हुआ।
इसके बाद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुआ था।
अब उसी विवाद के बीच पप्पू यादव का संतों के साथ दिल्ली की सड़क पर प्रदर्शन करना पूरे मामले को एक बार फिर राजनीतिक सुर्खियों में ले आया है।
सवाल बड़ा है—राम मंदिर के चढ़ावे की कथित गड़बड़ी की जांच की मांग अब सड़क से संसद और राजनीति के केंद्र तक पहुंच चुकी है।
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