शेखपुरा: जिले के महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पारंपरिक बांस शिल्प और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों के लिए विशेष ‘चौपाल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक बांस कला को बढ़ावा देने के साथ कारीगरों में उद्यमिता की भावना विकसित करना और जिले में हस्तशिल्प क्लस्टर की संभावनाओं को तलाशना रहा।
कार्यक्रम का नेतृत्व सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर सचिन सौरभ ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में शेखपुरा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विनय कुमार और महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अशोक कुमार राम मौजूद रहे। वहीं हस्तशिल्प अधिकारी ऋषिपाल और जीविका संघ की किरण कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
कारीगरों को योजनाओं और ‘आर्टिजन कार्ड’ की जानकारी
चौपाल में कारीगरों को वस्त्र मंत्रालय की राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। कारीगरों को ‘आर्टिजन कार्ड’ से मिलने वाले लाभ, आधुनिक टूल-किट, विभिन्न मेलों में भागीदारी और विभागीय पोर्टल से जुड़ने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि पारंपरिक बांस शिल्प को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय बेहतर बाजार, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जोड़कर कारीगरों की आय और पहचान को मजबूत किया जा सकता है।
ताइक्वांडो खिलाड़ी हिमांशु को मिला सम्मान
कार्यक्रम के दौरान खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करने वाले युवा ताइक्वांडो खिलाड़ी हिमांशु कुमार और उनके प्रशिक्षक कुंदन कुमार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। हिमांशु का चयन दिसंबर 2026 में रियो डी जेनेरियो, ब्राजील में प्रस्तावित प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में हुआ है।
हस्तशिल्प की पारंपरिक कला को बढ़ावा देने और युवा प्रतिभा को सम्मानित करने के संदेश के साथ आयोजित यह चौपाल कारीगरों और स्थानीय युवाओं के लिए संवाद का महत्वपूर्ण मंच बना।
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