पटना/लखीसराय: ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन “यात्री सुरक्षा” के तहत आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से करीब 30 लाख रुपये मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद की है।
यात्रियों के सामान चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पटना द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा था। आरपीएफ इंस्पेक्टर साकेत कुमार के नेतृत्व में टीम ने पटना जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच, तकनीकी निगरानी और मानवीय सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान शुरू की।
इसी दौरान 19 जुलाई को खगड़िया मुफ्फसिल थाना में पदस्थापित PSI सोनाली कुमारी के दो लैपटॉप ट्रेन संख्या 15510 राज्यरानी एक्सप्रेस से चोरी हो गए। इस मामले में रेल थाना पटना जंक्शन में कांड संख्या 418/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पता चला कि पिछले करीब दो महीने से पटना जंक्शन और विभिन्न ट्रेनों में लैपटॉप चोरी की कई घटनाएं हो रही थीं।
21 जुलाई को पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-4 पर आरपीएफ टीम ने निगरानी और घेराबंदी कर गिरोह के मुख्य सदस्य गौतम कुमार (29 वर्ष), पिता राजेश राम, निवासी चित्रकुट नगर रोड संख्या-9/ए, थाना दानापुर, जिला पटना को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से टैब समेत अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने ट्रेनों में यात्रियों से लैपटॉप और अन्य सामान चोरी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर चोरी का सामान खरीदने और बेचने वाले चार अन्य आरोपियों को पटना शहर के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया।
आरपीएफ और जीआरपी की कार्रवाई में वी-2 मॉल, महाराजा कामेश्वर कॉम्प्लेक्स स्थित दुकानों और डाकबंगला चौराहा स्थित “लैपी हाउस” से संचालित चोरी के सामान की खरीद-बिक्री के नेटवर्क का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 51 अलग-अलग कंपनियों के लैपटॉप, दो मॉनिटर, 15 की-बोर्ड, 16 माउस, तीन सीपीयू, 27 लैपटॉप चार्जर, तीन टैब, दो मोबाइल फोन और सीपीयू कैबिनेट का एक ढक्कन बरामद किया गया है। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई गई है।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य ट्रेनों में यात्रियों से पहले दोस्ती करते थे और फिर उनकी लापरवाही का फायदा उठाकर सामान चोरी कर लेते थे। भीड़भाड़ वाले कोच, ट्रेन में चढ़ने-उतरने के दौरान और सो रहे यात्रियों को वे अपना निशाना बनाते थे। चोरी किए गए लैपटॉप और अन्य सामान को दुकानदारों के माध्यम से कम कीमत पर बेच दिया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों में गौतम कुमार के अलावा उदित कुमार (मढ़ौड़ा, सारण), सूरज कुमार (परसा बाजार, पटना), फवाज अहमद (बहादुरपुर, पटना) और गयासुद्दीन (कोतवाली, पटना) शामिल हैं।
इस पूरी कार्रवाई में आरपीएफ इंस्पेक्टर साकेत कुमार, उप निरीक्षक अभय कुमार, प्रधान आरक्षी नंदू कुमार, आरक्षी अविनाश कुमार और विवेक कुमार सहित जीआरपी पटना के अधिकारियों व जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें।
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