लखीसराय: जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान देने की कवायद शुरू हो गई है। सदर प्रखंड के बालगुदर पंचायत मुख्यालय स्थित संग्रहालय का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने की तैयारी है। जिला पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने बुधवार को संग्रहालय का निरीक्षण कर इसे बिहार संग्रहालय की तर्ज पर आधुनिक, आकर्षक और जनोपयोगी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने संग्रहालय की वर्तमान व्यवस्था का जायजा लिया और संग्रहालय अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार के साथ बैठक कर इसके विकास की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि संग्रहालय को महज प्रदर्शनी स्थल तक सीमित न रखकर एक सक्रिय सांस्कृतिक एवं ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
डीएम ने संग्रहालय में आर्ट गैलरी, लाइट एंड साउंड शो, रेस्टोरेंट और सॉवेनियर (स्मृति चिन्ह) शॉप जैसी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर काम करने को कहा। उन्होंने बालगुदर क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को ऑडियो-वीडियो माध्यम से प्रस्तुत करने का सुझाव दिया, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक स्थानीय इतिहास को बेहतर तरीके से समझ सकें।
उन्होंने कहा कि संग्रहालय में रखी गई पौराणिक और ऐतिहासिक मूर्तियों को इस तरह प्रदर्शित किया जाए कि वह अपनी कहानी खुद बयां करती नजर आएं। इसके लिए आधुनिक तकनीक और आकर्षक प्रस्तुति का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।
बच्चों के लिए बनेगा खास लर्निंग जोन
जिला पदाधिकारी ने बच्चों और विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए संग्रहालय में “लर्निंग एंड वॉचिंग गैलरी” विकसित करने का सुझाव दिया। इसके लिए बाल भवन, नई दिल्ली जैसी व्यवस्था तैयार करने पर विचार किया गया, जिससे बच्चे मनोरंजक तरीके से इतिहास और संस्कृति से जुड़ सकें।
इसके अलावा आगंतुकों की सुविधा के लिए टिकट व्यवस्था लागू करने और प्रशिक्षित गाइड उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। गिफ्ट शॉप में लखीसराय से जुड़े स्मृति चिन्ह, श्रृंगी ऋषि धाम के चित्र और स्थानीय कलाकृतियों के प्रतिरूप उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।
पर्यटन और विरासत संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में संग्रहालय को हाईटेक और बहुआयामी संस्थान के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के बाद यह संग्रहालय जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय इतिहास और संस्कृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
डीएम शैलेन्द्र कुमार ने संग्रहालय अध्यक्ष को सभी प्रस्तावों पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि इसे राज्य सरकार के अनुमोदन के लिए भेजा जा सके।
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