लखीसराय: कभी खराब सड़क और दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण चर्चा में रहने वाले लखीसराय के दूरस्थ इलाकों में अब डिजिटल कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने की तैयारी है। जिला प्रशासन ने उन क्षेत्रों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने की कवायद तेज कर दी है, जहां आज भी मोबाइल सिग्नल बेहद कमजोर है या पूरी तरह नदारद है। खास बात यह है कि इनमें चानन और सूर्यगढ़ा प्रखंड के ऐसे इलाके भी शामिल हैं, जिन्हें लंबे समय से नक्सल गतिविधियों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता रहा है।
बुधवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में मोबाइल टावर स्थापना को लेकर संबंधित अधिकारियों और दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में जिले के चार प्रमुख ‘डार्क स्पॉट’ चिन्हित क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार की रणनीति पर चर्चा की गई।
नक्सल प्रभावित इलाके में नेटवर्क विस्तार की तैयारी
प्रशासन की योजना के तहत चानन प्रखंड के सतघरवा, महाजनवा, कुंदर और राजघाट कोल क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इन इलाकों में जल्द ही टावर स्थापना का काम शुरू किए जाने की तैयारी है।
वहीं सूर्यगढ़ा प्रखंड के हनुमान स्थान, श्रृंगी ऋषि धाम और मोरवे डैम के बीच का क्षेत्र तथा लठिया भैरो टोला (कोड़ासी) में भी नेटवर्क की स्थिति सुधार के लिए सर्वे किया जाएगा।
इन इलाकों में मोबाइल टावर स्थापित होना सिर्फ ग्रामीणों के लिए इंटरनेट और मोबाइल सेवा की सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं होगा। दुर्गम इलाकों में बेहतर संचार व्यवस्था प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अफसर खुद पहुंचे दुर्गम इलाकों में
बैठक के बाद जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में बीएसएनएल की टीम और संबंधित अधिकारियों ने हनुमान स्थान, श्रृंगी ऋषि धाम, मोरवे डैम के मध्य क्षेत्र और लठिया भैरो टोला का स्थलीय निरीक्षण किया।
इस दौरान संभावित स्थानों पर बीएसएनएल नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी और तकनीकी उपयुक्तता की जांच की गई। प्रशासन ऐसे स्थानों का चयन करना चाहता है, जहां एक टावर से आसपास के अधिकतम इलाके में बेहतर मोबाइल नेटवर्क पहुंचाया जा सके।
बीएसएनएल, जियो और एयरटेल मिलकर करेंगे सर्वे
जिन इलाकों में अभी टावर के लिए स्वीकृति नहीं मिली है, वहां जिला प्रशासन, दूरसंचार मंत्रालय, बीएसएनएल, एयरटेल, जियो और अन्य नेटवर्क प्रदाता कंपनियों की संयुक्त टीम सर्वे करेगी। तकनीकी जांच के बाद टावर लगाने के लिए उपयुक्त जगह तय की जाएगी।
बैठक में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, एसडीओ प्रभाकर कुमार, एसडीपीओ शिवम कुमार, बीएसएनएल के जे.टी.ओ. अनीश कुमार, ग्रामीण दूरसंचार विभाग पटना के निदेशक सत्येश कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
नेटवर्क पहुंचेगा तो बदलेगी इलाके की तस्वीर
मोबाइल टावर लगने के बाद इन दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को फोन और इंटरनेट की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है। विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई से लेकर सरकारी सेवाओं, डिजिटल भुगतान और आपातकालीन संपर्क तक लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर टावर स्थापना का काम शुरू कराने का निर्देश दिया। प्रशासन का मानना है कि दूरस्थ और लंबे समय से संचार सुविधा से वंचित इलाकों में नेटवर्क पहुंचना डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ विकास की रफ्तार को भी मजबूत करेगा।
यानी जिन इलाकों में कभी मोबाइल सिग्नल ढूंढना चुनौती था, वहां अब प्रशासन मोबाइल नेटवर्क का मजबूत आधार तैयार करने में जुटा है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: पटना में ‘हर घर तिरंगा’ का संदेश लेकर निकली प्रभात फेरी, देशभक्ति के रंग में दिखा रेल मंडल!
