लखीसराय: जंगलों के राजा कहे जाने वाले बाघों के संरक्षण को लेकर लखीसराय में विद्यार्थियों ने जागरूकता का संदेश दिया। अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस-2026 के मौके पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वावधान में नाथ पब्लिक स्कूल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाघ संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के महत्व से अवगत कराना था। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और बाघों को बचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत नाथ पब्लिक स्कूल के सचिव विश्वनाथ प्रसाद की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान वन विभाग के रेंजर उत्तम कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाघ किसी भी स्वस्थ जंगल और पर्यावरण संतुलन के प्रतीक होते हैं। उन्होंने कहा कि बाघ संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
वनपाल कुमोद कुमार और वनरक्षी अमृता, रौशन एवं अक्षय ने भी बच्चों को वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण बचाने के उपायों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए क्विज, निबंध लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता और पौधारोपण जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
क्विज प्रतियोगिता में अर्णव ने पहला और दिव्यानी ने दूसरा स्थान हासिल किया। निबंध प्रतियोगिता में निधि प्रथम, अदिति द्वितीय और श्रुति तृतीय रहीं। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में सिद्धांत ने प्रथम, सृष्टि ने द्वितीय और आरूष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा के लिए हमेशा जागरूक रहने की प्रेरणा दी।
बाघों और जंगलों की सुरक्षा को लेकर विद्यार्थियों ने सामूहिक शपथ ली और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
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