पटना: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने एक संदिग्ध मोबाइल नंबर से खुद और पार्टी से जुड़े लोगों को कथित तौर पर मिल रही धमकी व ब्लैकमेलिंग को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। तेज प्रताप का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पार्टी से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाने का दावा
तेज प्रताप यादव के मुताबिक, सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि जनशक्ति जनता दल से जुड़े कई लोगों को भी कथित तौर पर फोन कर धमकाने और ब्लैकमेल करने की शिकायतें सामने आई हैं। उनका दावा है कि पुरुषों और महिलाओं दोनों को निशाना बनाए जाने की बातें सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि किसी वीडियो को प्रसारित करने की धमकी देकर डराने या दबाव बनाने की कोशिश गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
‘शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?’
तेज प्रताप का सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि संबंधित नंबर को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं, तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूछा कि इस नंबर का वास्तविक इस्तेमाल कौन कर रहा है और उसके पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण तो नहीं है? हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना जांच किसी व्यक्ति की संलिप्तता को अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए।
कॉल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की मांग
तेज प्रताप ने संबंधित एजेंसियों से मोबाइल नंबर से जुड़े कॉल, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विधिसम्मत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच के जरिए वास्तविक उपयोगकर्ता की पहचान होनी चाहिए और दोष साबित होने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
तेज प्रताप का सख्त संदेश
तेज प्रताप यादव ने कहा कि धमकियों से वे डरने या पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने पार्टी से जुड़े लोगों को भी भरोसा दिलाया कि यदि किसी कार्यकर्ता या सहयोगी को डराने-धमकाने की कोशिश होती है तो वह उनके साथ खड़े रहेंगे।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब तेज प्रताप अपनी जनशक्ति जनता दल के संगठन विस्तार पर भी सक्रिय हैं। हाल में उन्होंने बिहार प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आवेदन मांगे हैं और 30 सितंबर तक आवेदन की तारीख तय की है।
अब देखने वाली बात होगी कि जिस मोबाइल नंबर को लेकर तेज प्रताप ने सवाल उठाए हैं, उसकी जांच में पुलिस या संबंधित एजेंसी क्या सामने लाती है और कार्रवाई को लेकर सरकार का अगला कदम क्या होता है।