शेखपुरा: शेखपुरा जिले में प्रखंड स्तरीय अभिसरण कार्य योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, पोषण योजना से जुड़े प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षक तथा विभिन्न संबंधित विभागों के कर्मियों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य केंद्र वर्तमान में संचालित राष्ट्रीय पोषण माह रहा। अधिकारियों को बताया गया कि पोषण माह का आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इस वर्ष पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेवारी’ रखी गई है। बैठक में इस अभियान के तहत अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा करने के साथ-साथ आगामी गतिविधियों को प्रभावी तरीके से संचालित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कुपोषण मुक्त समाज के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अहम
समीक्षा के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने कहा कि कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में इन केंद्रों की गतिविधियों को प्रभावी और नियमित तरीके से संचालित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पोषण माह के दौरान चलाए जा रहे सभी कार्यक्रमों और विभागीय दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लाभार्थियों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर पहुंचे, इस पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पोषण से जुड़ी समस्याओं का समाधान किसी एक विभाग के प्रयास से संभव नहीं है। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और समाज कल्याण समेत सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और समन्वय जरूरी है।
उन्होंने प्रखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्ययोजना तैयार कर अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर समन्वय मजबूत होने से योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
गांव-टोले में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान
राष्ट्रीय पोषण माह के तहत ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेवारी’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गांवों और टोलों में विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही पोषण संबंधी शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को कहा गया कि जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संतुलित आहार, बच्चों के उचित पोषण, गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और धात्री माताओं के लिए आवश्यक पोषण संबंधी जानकारी दी जाए। स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
बच्चों और माताओं को समय पर मिले स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं
समीक्षा बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी ने विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्र में योजनाओं की नियमित निगरानी करने तथा जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति की जानकारी लेने का निर्देश दिया गया।
लापरवाही पर होगी नियमसंगत कार्रवाई
अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी स्तर पर कार्य में अनियमितता या निर्धारित जिम्मेदारी के निर्वहन में कोताही सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के अंत में अधिकारियों और कर्मियों से राष्ट्रीय पोषण माह के शेष अवधि में निर्धारित गतिविधियों को पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ संचालित करने का निर्देश दिया गया, ताकि अभियान का लाभ जिले के अधिक से अधिक बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पहुंच सके।
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