लखीसराय: किऊल जंक्शन और लखीसराय रेलवे स्टेशन का हाल लगातार बिगड़ता जा रहा है। स्टेशन परिसर के उत्तर और दक्षिण, दोनों ओर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने ऐसा जाल बिछा दिया है कि यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म तक पहुंचना तक मुश्किल हो गया है। हर वक्त जाम, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है।
रेलवे की ओर से बनाए गए सर्कुलेटिंग एरिया—जहां वाहनों की वैध पार्किंग होनी चाहिए—वहां सन्नाटा पसरा है। इसके उलट, स्टेशन के बाहर सड़कों पर दुकानों, ठेलों और वाहनों का कब्जा है। पान-गुटखा की दुकानों से लेकर छोटे होटल तक, सब कुछ सड़क किनारे फैल चुका है, जिससे रास्ते संकरे हो गए हैं और जाम आम बात हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अव्यवस्था के पीछे मिलीभगत का खेल चल रहा है। अतिक्रमणकारियों और दलालों से कथित तौर पर वसूली की जाती है, जिसके कारण कार्रवाई नहीं होती। यही वजह है कि अवैध पार्किंग और अतिक्रमण अब अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी रूप ले चुका है।
यात्रियों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। स्टेशन तक पहुंचने में देरी, जाम में फंसकर ट्रेन छूटने का खतरा और सुरक्षा को लेकर चिंता—ये सब अब आम अनुभव बन चुका है।
किऊल के IOW ओमप्रकाश का कहना है कि सर्कुलेटिंग एरिया के बाहर वाहनों का ठहराव पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे लागू कराना RPF की जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ कहा कि नियमों के बावजूद जमीन पर स्थिति उलट है।
वहीं RPF की ओर से मामले में अनभिज्ञता जताई गई है और जांच की बात कही जा रही है। लेकिन जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक किऊल–लखीसराय स्टेशन पर ‘जाम राज’ खत्म होना मुश्किल ही दिखता है।
