लखीसराय: शतरंज की बिसात पर उम्र नहीं, बल्कि दिमाग और रणनीति मायने रखती है। इसका दिलचस्प नजारा लखीसराय में आयोजित द्वितीय लखीसराय कप ऑल बिहार U-15 बिहार स्टेट शतरंज प्रतियोगिता में देखने को मिला। प्रज्ञा विद्या विहार पब्लिक स्कूल के प्रज्ञालयम में आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में खगड़िया के मानव कुमार ने छह में छह मुकाबले जीतकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। वहीं नवादा के आयुष वैभव ने पांच जीत के साथ उपविजेता का स्थान हासिल किया।
लेकिन प्रतियोगिता का सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन स्थानीय महज छह वर्षीय कृष्णा ने किया। U-15 वर्ग के खिलाड़ियों के बीच खेलते हुए कृष्णा ने छह मुकाबलों में 4.5 अंक अर्जित किए और दूसरा उपविजेता स्थान अपने नाम किया। कम उम्र में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में यह प्रदर्शन वहां मौजूद लोगों के लिए खास आकर्षण रहा।
छह राउंड में चला रणनीति और दिमाग का खेल
लखीसराय जिला शतरंज संघ के तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में लखीसराय, जमुई, नवादा, खगड़िया, धनबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों से कुल 34 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का आयोजन छह राउंड में किया गया, जिसमें खिलाड़ियों को लगातार अलग-अलग प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी रणनीति और धैर्य की परीक्षा देनी पड़ी।
पूरे मुकाबले में मानव कुमार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए एक भी मैच नहीं गंवाया। उन्होंने छह मुकाबलों में छह जीत दर्ज कर सर्वाधिक अंक हासिल किए और प्रतियोगिता के विजेता बने। नवादा के आयुष वैभव ने छह में पांच मुकाबले जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया।
वहीं लखीसराय के स्थानीय खिलाड़ी कृष्णा ने अपनी उम्र से कहीं आगे का प्रदर्शन करते हुए 4.5 अंक हासिल किए और दूसरे उपविजेता बने।
टॉप खिलाड़ियों में लखीसराय समेत कई जिलों की झलक
प्रतियोगिता में शीर्ष दस खिलाड़ियों में अलग-अलग जिलों के प्रतिभागियों ने जगह बनाई। इनमें मानव कुमार, आयुष वैभव, कृष्णा, लक्ष्य राज, हर्षित राज (जमुई), आराध्या कुमारी (लखीसराय), हरमनदीप सिंह तुरा (धनबाद), आयुष राज (लखीसराय) और दिव्यांशु दिगम (लखीसराय) समेत अन्य खिलाड़ी शामिल रहे।
इससे प्रतियोगिता में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से आए खिलाड़ियों की मजबूत भागीदारी का अंदाजा लगाया जा सकता है।
फीता काटकर हुआ प्रतियोगिता का उद्घाटन
प्रतियोगिता का उद्घाटन फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह में चंदन सिंह, धर्मराज सिंह, शिवप्रिय भारद्वाज, नरेंद्र सिंह, प्रज्ञा विद्या विहार पब्लिक स्कूल के निदेशक एवं लखीसराय जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष रंजन कुमार तथा संघ के सचिव रामबाबू मौजूद रहे।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करते हैं।
पुरस्कार वितरण में शतरंज के महत्व पर चर्चा
प्रतियोगिता के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह में बालिका विद्यापीठ के पूर्व प्राचार्य शैलेन्द्र कुमार तथा पत्रकार रणजीत सम्राट सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सफल खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर शैलेन्द्र कुमार ने शतरंज को जीवन की एक छोटी प्रतिकृति बताते हुए कहा कि खेल में एक छोटा प्यादा भी सही समय और सही दिशा में आगे बढ़कर बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बच्चों के शैक्षणिक विकास और मानसिक सक्रियता के लिहाज से शतरंज के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

पढ़ाई के साथ खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने पर जोर
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियां भी जरूरी हैं। इस तरह के आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ प्रतिस्पर्धा, रणनीति, धैर्य और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का अवसर देते हैं।
लखीसराय कप की इस प्रतियोगिता में एक ओर जहां मानव कुमार ने छह में छह जीत के साथ अपनी बादशाहत साबित की, वहीं छह वर्षीय कृष्णा के प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि छोटी उम्र में भी बड़े मंच पर प्रतिभा अपनी अलग पहचान बना सकती है।
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