गया: गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को विमान दुर्घटना और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आंशिक आपातकालीन अभ्यास (Partial Emergency Exercise) आयोजित किया गया। डीजीसीए (DGCA) और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस मॉक ड्रिल में आग लगने, यात्रियों के फंसने और घायलों के रेस्क्यू जैसी परिस्थितियों का वास्तविक माहौल तैयार कर अभ्यास किया गया।
अभ्यास के दौरान विमान दुर्घटना की काल्पनिक सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), एयरपोर्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (ARFF), CISF, मेडिकल टीम, एयरपोर्ट ऑपरेशन स्टाफ और अन्य संबंधित एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं। अग्निशमन विभाग की टीम निर्धारित समय में घटनास्थल पर पहुंची और आग पर नियंत्रण पाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल में यात्रियों और विमान कर्मियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने तथा उन्हें चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच आपातकालीन संचार व्यवस्था और समन्वय क्षमता का भी परीक्षण किया गया।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, इस प्रकार के अभ्यास नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाते हैं ताकि किसी वास्तविक आपातकालीन स्थिति में सभी एजेंसियां बेहतर तालमेल के साथ त्वरित कार्रवाई कर सकें। अभ्यास के दौरान अधिकारियों और पर्यवेक्षकों ने पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया तथा जहां सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, उसे चिन्हित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यासों का उद्देश्य केवल उपकरणों और संसाधनों की जांच करना नहीं, बल्कि आपदा की स्थिति में प्रतिक्रिया समय, समन्वय और बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को भी परखना है। भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक सुझाव और निर्देश भी दिए गए।
मॉक ड्रिल के सफल आयोजन में एयरपोर्ट से जुड़े सभी विभागों, सुरक्षा एजेंसियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में एयरपोर्ट प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों को उनके सहयोग और तत्परता के लिए धन्यवाद दिया।
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