लखीसराय: आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर लखीसराय में न्यायिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सैयद मोहम्मद शब्बीर आलम की अध्यक्षता में उनके प्रकोष्ठ में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अब तक की तैयारियों और राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किए जाने वाले मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 3,753 वाद अभिलेखों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित किया जा चुका है।
अधिक से अधिक मामलों के निपटारे का निर्देश
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले अधिक से अधिक मामलों में प्री-सीटिंग की कार्रवाई की जाए। इसके लिए संबंधित पक्षकारों को बुलाकर आपसी सहमति से मामलों के समाधान की संभावना तलाशने और अधिकतम मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। इसलिए चिन्हित मामलों में पक्षकारों की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
बैठक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम रजनी कुमारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सीमा भारतीय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शुभ नंदन झा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश षष्ठम (पॉक्सो) श्वेता वर्मा, अन्य न्यायिक पदाधिकारी, सब जज प्रथम रंजीत कुमार सोनू और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विधानंद सागर मौजूद रहे।
सचिव को निर्देश दिया गया कि जिन मामलों में पक्षकारों को नोटिस भेजने की आवश्यकता हो, वहां संबंधित मांग प्राप्त होने पर नोटिस की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
‘मिडिएशन फॉर नेशन 3.0’ को लेकर भी बैठक
वहीं, नालसा और बालसा के निर्देश पर ‘मिडिएशन फॉर नेशन 3.0’ ड्राइव को सफल बनाने के लिए भी न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, लखीसराय पवन कुमार झा ने की।
बैठक में ऐसे मामलों को चिन्हित करने पर चर्चा हुई, जिनमें समझौते और आपसी सहमति के माध्यम से विवाद का समाधान संभव है। संबंधित पक्षकारों को नोटिस देने, मध्यस्थता प्रक्रिया के प्रति लोगों को जागरूक करने और अधिक से अधिक पक्षकारों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सीमा भारतीय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय शुभ नंदन झा, न्यायिक पदाधिकारी मुकेश मिश्रा, राजन कुमार और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विधानंद सागर समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सहमति बनी कि अधिक से अधिक ऐसे वादों की पहचान की जाएगी, जिनमें मध्यस्थता के जरिए विवाद का समाधान संभव है। चिन्हित मामलों को मध्यस्थता केंद्र भेजकर पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत और मिडिएशन ड्राइव के जरिए न्यायिक संस्थान लंबित मामलों के त्वरित एवं आपसी सहमति से समाधान की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
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