सुपौल: बिहार में सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के दावों के बीच सुपौल जिले से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। त्रिवेणीगंज प्रखंड के खोरिया स्थित प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर दो शिक्षक क्लासरूम में पढ़ाने के बजाय आराम फरमाते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो और तस्वीरों में शिक्षक दिनेश कुमार मंडल और देवेंद्र सरदार डेस्क-बेंच पर पैर फैलाकर सोते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस डेस्क पर शिक्षक आराम कर रहे थे, उसी पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करते हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि शिक्षकों को इस हालत में देखकर कई छात्र अपना बैग उठाकर घर लौट गए और क्लासरूम खाली हो गया, लेकिन शिक्षक अपनी नींद में ही मशगूल रहे। घटना के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी है।
अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी शिक्षकों पर होती है। अगर शिक्षक ही पढ़ाई के समय लापरवाही करेंगे तो बच्चों की शिक्षा व्यवस्था कैसे सुधरेगी?
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि क्षेत्र में पहले ही सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मिड-डे मील से जुड़े विवाद के बाद अब क्लासरूम में शिक्षकों के सोने का वीडियो सामने आने से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, खोरिया प्राथमिक विद्यालय में करीब 140 बच्चों का नामांकन है, जबकि रोजाना लगभग 100 बच्चे उपस्थित रहते हैं। विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत कुल सात शिक्षक पदस्थापित हैं।
अधिकारी ने कही जांच की बात
मामले पर बीईओ सह बीपीआरओ मनीष कुमार ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में शिक्षक दोषी पाए जाते हैं तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल वायरल वीडियो के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और लोग दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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