भारत/नेपाल: नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान के बीच चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से बड़ी जानकारी सामने आई है। भारतीय तकनीकी टीम चिलिमे पावरहाउस की सुरंग के अंदर करीब 100 मीटर तक पहुंच चुकी है। टीम ने सुरंग के भीतर की स्थिति का जायजा लिया है और अब आगे बढ़ने के लिए भारी उपकरणों को अंदर ले जाने की तैयारी की जा रही है।
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने स्याफ्रुबेसी के पास स्थित चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट का दौरा कर मौके पर तैनात भारतीय तकनीकी टीम से मुलाकात की। उन्होंने नेपाली सेना के साथ मिलकर चलाए जा रहे खोज एवं बचाव अभियान की प्रगति की जानकारी ली।
सुरंग के अंदर 100 मीटर तक पहुंची टीम
राजदूत नवीन श्रीवास्तव के अनुसार, विशेष उपकरणों की मदद से भारतीय तकनीकी दल सुरंग के अंदर करीब 100 मीटर तक पहुंचकर इलाके की जांच कर चुका है। टीम ने सुरंग की मौजूदा स्थिति का आकलन किया और आगे के बचाव अभियान के लिए जरूरी तैयारियों को समझा।
अब सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर और आगे पहुंचने की है। इसके लिए भारी उपकरणों को सुरंग के अंदर ले जाने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि इन उपकरणों की मदद से बचाव दल अधिक मुश्किल हिस्सों तक पहुंचने और खोज अभियान को आगे बढ़ाने में सक्षम होगा।
दलदली जमीन बनी बड़ी चुनौती
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी मुश्किल सुरंग के अंदर का चुनौतीपूर्ण भू-भाग है। राजदूत के मुताबिक, सुरंग के भीतर जमीन दलदली जैसी है, जिसके कारण बचाव दल के लिए आगे बढ़ना आसान नहीं है।
ऐसी परिस्थितियों में सुरंग के भीतर भारी उपकरण पहुंचाना भी अपने आप में एक चुनौती है। टीमों को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ रहा है, ताकि बचाव अभियान के दौरान किसी तरह का अतिरिक्त जोखिम पैदा न हो।
भारतीय और नेपाली टीमें साथ-साथ जुटीं
चिलिमे पावरहाउस में चल रहे अभियान में भारतीय तकनीकी टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही है। दोनों देशों के दल सुरंग के अंदर फंसे लोगों की तलाश और सुरक्षित बचाव के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
मुश्किल भू-भाग और सुरंग के अंदर मौजूद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव अभियान को रोका नहीं गया है। टीमें लगातार स्थिति का आकलन कर आगे की रणनीति तैयार कर रही हैं।
राजदूत ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान में जुटे दोनों देशों के दलों के प्रयासों को करीब से देखा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अभियान से जुड़ी जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय और नेपाली टीमें पूरी दृढ़ता के साथ राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।
अब भारी उपकरणों से आगे बढ़ेगा ऑपरेशन
100 मीटर तक सुरंग में पहुंचने के बाद अब बचाव अभियान का अगला चरण और महत्वपूर्ण हो गया है। भारी उपकरणों को सुरंग के भीतर ले जाने के बाद टीमों की पहुंच और आगे तक बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि, सुरंग की दलदली जमीन और कठिन भू-भाग के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में बचाव दल तकनीकी संसाधनों और सावधानी के साथ कदम-दर-कदम आगे बढ़ रहा है।
फिलहाल भारतीय और नेपाली टीमें सुरंग के भीतर तलाश और बचाव अभियान को लगातार आगे बढ़ा रही हैं। भारी उपकरणों के पहुंचने के बाद ऑपरेशन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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