लखीसराय: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लाल इंटरनेशनल स्कूल, वलीपुर शाखा का पूरा परिसर भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया। विद्यालय में जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन बड़े ही धूमधाम, हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में किया गया। इस दौरान बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिला।
जन्माष्टमी को लेकर विद्यालय परिसर को फूलों, गुब्बारों और रंग-बिरंगी रोशनी से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सजावट ऐसी थी कि पूरा विद्यालय परिसर मानो वृंदावन की झलक प्रस्तुत कर रहा था। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंजता रहा।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक मुकेश कुमार, अध्यक्ष ममता देवी एवं प्राचार्या मनीषा कुमारी ने संयुक्त रूप से भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।
विद्यालय में इस अवसर पर विशेष भव्य झूलन उत्सव का भी आयोजन किया गया। बाल गोपाल के लिए फूलों से सुसज्जित आकर्षक झूला तैयार किया गया था। निदेशक एवं प्राचार्या ने पूजा-अर्चना के बाद बाल गोपाल को झूला झुलाया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
राधा-कृष्ण के रूप में नजर आए नन्हे कलाकार
जन्माष्टमी समारोह का सबसे आकर्षक केंद्र विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चे रहे। कोई कृष्ण कन्हैया, तो कोई राधा, ग्वाल-बाल और गोपी के मनमोहक वेश में विद्यालय पहुंचा। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
नन्हे कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कृष्ण लीला, मटकी फोड़, भजन और नृत्य की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को खूब आनंदित किया। बच्चों की मासूम अदाओं और मनमोहक प्रस्तुतियों पर पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मटकी फोड़ ने बढ़ाया उत्साह
मटकी फोड़ कार्यक्रम के दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को मंच पर जीवंत करने की कोशिश ने समारोह को और खास बना दिया। बच्चों ने भक्ति गीतों और भजनों पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
प्रसाद और टॉफी पाकर खिल उठे बच्चों के चेहरे
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के निदेशक की ओर से सभी बच्चों के बीच टॉफी और प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद और टॉफी मिलते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव और आनंद का माहौल बना रहा।
इस अवसर पर निदेशक ने बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों से सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने तथा अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने की अपील की।
शिक्षकों और कर्मचारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
जन्माष्टमी समारोह में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय परिवार के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से आयोजित इस समारोह ने बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े मूल्यों को करीब से समझने का अवसर दिया। उत्सव के दौरान बच्चों की भागीदारी ने यह संदेश भी दिया कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों की सीख बचपन से ही बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
समारोह के अंत में विद्यालय परिसर में भक्ति, उल्लास और खुशियों का ऐसा रंग देखने को मिला कि जन्माष्टमी का यह आयोजन बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी यादगार बन गया।
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