अररिया: भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया व्यवहार न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। इस बार धमकी ईमेल के जरिए नहीं, बल्कि बंद लिफाफे में भेजे गए एक पत्र के माध्यम से दी गई है। पत्र में 10 सितंबर से पहले कोर्ट को निशाना बनाने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई है।
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया। आनन-फानन में कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और बम निरोधक दस्ते तथा डॉग स्क्वॉयड की मदद से पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने न्यायाधीशों के चेंबर, इजलास, कार्यालय, बरामदा और अन्य संवेदनशील स्थानों की भी जांच की।
पत्र में खुद को बताया सरकारी वकील
पुलिस के मुताबिक, धमकी भरे पत्र में भेजने वाले ने खुद को सरकारी वकील बताया है। पत्र में दावा किया गया कि उसकी कथित पत्नी के मोबाइल नंबर पर धमकी भरा फोन आया था। इसी कॉल के हवाले से अररिया कोर्ट को 10 सितंबर से पहले बम से उड़ाने की धमकी का उल्लेख किया गया।
पत्र में कथित पत्नी का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया गया था। पुलिस ने जब नंबर का सत्यापन कराया तो वह तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई का निकला।
मोबाइल नंबर की जांच में खुला नया पेंच
एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस ने पत्र में दिए गए नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाली महिला ने अपने पति के सरकारी वकील होने की बात से इनकार कर दिया। महिला ने यह भी बताया कि उसे इस तरह का कोई धमकी भरा फोन नहीं आया है।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब पत्र किसने भेजा, उसमें लिखी गई बातें कितनी सही हैं और धमकी के पीछे किसकी भूमिका है, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ सुशील कुमार, डीएसपी साइबर रघुनाथ सिंह, एसटीएफ पूर्णिया के डीएसपी मो. अली साबरी, नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक समेत बड़ी संख्या में पुलिस जवान कोर्ट परिसर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई।
अधिवक्ता एलपी नायक ने बार-बार इस तरह की धमकी मिलने को गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कोर्ट आने वाले लोगों की सघन जांच की मांग की।
आठ महीने में पांचवीं बार धमकी
गौरतलब है कि अररिया व्यवहार न्यायालय को इससे पहले भी कई बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। पूर्व में ईमेल के जरिए भी अररिया समेत बिहार के कई न्यायालयों को धमकी दी गई थी। बताया जा रहा है कि पिछले करीब आठ महीने में अररिया कोर्ट को पांचवीं बार धमकी मिली है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। धमकी भरे पत्र और उसमें दिए गए मोबाइल नंबर से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर बार-बार अररिया कोर्ट को धमकी देने के पीछे कौन है और इस मामले में जांच से क्या बड़ा खुलासा सामने आता है।
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