किशनगंज: सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन ने सख्त तेवर दिखा दिए। बुधवार को ऐतिहासिक रसल हाई स्कूल की जमीन पर प्रशासन का अभियान चला तो लंबे समय से जमे अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। पहले नोटिस, फिर चेतावनी और इसके बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
अंचल अधिकारी आशीष कुमार और थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। अचानक बड़ी संख्या में अधिकारियों और जवानों को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कई लोगों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया।
नोटिस गया, लेकिन कब्जा नहीं हटा
प्रशासन के मुताबिक रसल हाई स्कूल परिसर और उससे जुड़ी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए अंचल प्रशासन ने जांच-पड़ताल के बाद संबंधित लोगों को सरकारी जमीन खाली करने का नोटिस दिया था।
बताया गया कि नोटिस के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन ने बुधवार को सीधे मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया और सरकारी जमीन को खाली कराया गया।
स्कूल की जमीन पर ‘कब्जे’ का खेल नहीं चलेगा
अंचल अधिकारी आशीष कुमार ने साफ कहा कि रसल हाई स्कूल की जमीन सार्वजनिक और शैक्षणिक महत्व की है। सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सरकारी भूमि को लेकर आगे भी नियम के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस के घेरे में चला अभियान
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम पूरे अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने किसी भी विवाद या विरोध की स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी।
अब सवाल—दोबारा कब्जा तो नहीं होगा?
प्रशासन की कार्रवाई से जमीन तो खाली करा ली गई, लेकिन असली चुनौती अब इसे दोबारा कब्जे से बचाने की है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि अतिक्रमण मुक्त हुई जमीन की स्थायी सुरक्षा के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
बुधवार का अभियान सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए एक सख्त चेतावनी के तौर पर भी देखा जा रहा है—नोटिस की अनदेखी महंगी पड़ सकती है।
ये खबर भी पढ़े: कैबिनेट में ‘गरम’ हुई कुर्सियां! दो मंत्री आमने-सामने, CM को करना पड़ा हस्तक्षेप; बाहर निकला टोल का फरमान!
किशनगंज से रजी अहमद की रिपोर्ट…