सासाराम: रातभर आसमान से बरसी आफत और कैमूर पहाड़ी से उतरते पानी ने सासाराम शहर की तस्वीर बदल दी। पहाड़ों से निकला तेज पानी शहर के रिहायशी इलाकों में जा घुसा। कादिरगंज, सहजलाल पीर और सहफुल्लह गंज की सड़कें देखते ही देखते पानी में डूब गईं और कई घरों-दुकानों में भी पानी प्रवेश कर गया।
सड़क पर जमा पानी ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पैदल चलना मुश्किल है तो वाहन चालकों के लिए भी रास्ता चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए निकलने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बारिश पहाड़ पर हुई, मुसीबत शहर ने झेली
स्थानीय लोगों के मुताबिक पहाड़ से आने वाले पानी की निकासी के लिए पहले से रास्ते बनाए गए हैं, लेकिन कई जगहों पर अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर शहर में जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से पहाड़ी पानी मोहल्लों में जमा हो गया।
लोगों का कहना है कि हर बार तेज बारिश के बाद यही स्थिति पैदा होती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
NH जोड़ने वाली सड़क पर पानी, आवाजाही प्रभावित
जलभराव की सबसे बड़ी चिंता इसलिए भी है क्योंकि पानी जिस सड़क पर जमा है, वह सासाराम शहर को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने वाली अहम सड़क है। इसी मार्ग से ताराचंडी देवी स्थान सहित कई महत्वपूर्ण जगहों तक पहुंचा जाता है।
नगर निगम क्षेत्र में सड़कों पर इस तरह पानी भरने से अब शहरी जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि पहाड़ से आने वाले पानी के पुराने निकासी मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और शहर में प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाए।
कैमूर पहाड़ी की बारिश ने एक बार फिर बता दिया कि पहाड़ का पानी अगर रास्ता न पाए, तो शहर की गलियां ही उसका रास्ता बन जाती हैं।
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