लखीसराय: अशोकधाम मंदिर में हुई भगदड़ की घटना को लेकर जनसुराज प्रमुख एवं बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतकों के परिजनों और घायलों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की विफलता का प्रतीत होता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि लोगों से बातचीत करने के बाद ऐसा लग रहा है कि प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर वह गंभीरता नहीं दिखाई, जिसकी आवश्यकता थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में अक्सर बड़ी दुर्घटनाओं के बाद कुछ मुआवजा देकर मामले को शांत करने की कोशिश की जाती है, लेकिन जवाबदेही तय नहीं की जाती।
उन्होंने कहा कि अशोकधाम में सात श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, लेकिन अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि डीएम, एसपी, एसडीएम, डीएसपी, थानेदार या किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया।
गौरतलब है कि श्रावणी मेला के दौरान विधि-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की ओर से पूर्व निर्धारित की गई थी। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार के संयुक्त आदेश के तहत अशोकधाम क्षेत्र में संपूर्ण प्रभार अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार एवं एडीपीओ शिवम कुमार को सौंपा गया था।
पीड़ित परिवारों से मिलने के क्रम में प्रशांत किशोर सबसे पहले बालगुदर स्थित सहनी परिवार के घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने लखीसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। बाद में वह हलसी प्रखंड के प्रतापपुर गांव भी पहुंचे, जहां अशोकधाम भगदड़ में एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत हो गई थी।
प्रशांत किशोर ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है, उनके खिलाफ कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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