जापान: भारतीय तीरंदाजी के लिए 2 अक्टूबर का दिन इतिहास में दर्ज हो गया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम अनिल मोहोड़ की भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियन गेम्स में पहली बार इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में भारतीय टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।
पहली बार फाइनल और सीधे गोल्ड पर निशाना
भारतीय महिला टीम इससे पहले एशियन गेम्स के महिला टीम रिकर्व इवेंट के फाइनल में नहीं पहुंची थी। इस बार चीन को सेमीफाइनल में 5-1 से हराकर टीम ने पहली बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई और फिर फाइनल में दक्षिण कोरिया को मात देकर सीधे इतिहास रच दिया।
फाइनल में दोनों टीमों के बीच शुरुआत से ही कड़ा मुकाबला रहा। पहले दो सेट के बाद स्कोर 2-2 से बराबर था। तीसरे सेट में भारतीय टीम ने 55-51 से बढ़त बनाते हुए स्कोर 4-2 कर दिया। चौथे सेट में मुकाबला 54-54 से बराबर रहा, लेकिन भारत को जरूरी एक अंक मिल गया और टीम ने 5-3 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
कुमकुम के 10 ने बदल दिया पूरा मुकाबला
फाइनल के निर्णायक दौर में 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने दबाव के बीच शानदार निशाना लगाया। उनके अंतिम तीर पर 10 अंक आए। वहीं कीर्ति के एक तीर को लेकर अधिकारियों ने समीक्षा के बाद उसे 9 अंक माना। इसी फैसले से चौथे सेट का स्कोर बराबर हुआ और भारत को खिताबी जीत के लिए जरूरी अंक मिल गया।
कोरिया का लंबा दबदबा हुआ खत्म
महिला टीम रिकर्व में दक्षिण कोरिया का एशियन गेम्स में लंबे समय से दबदबा रहा है। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक कोरिया ने 1998 से इस स्पर्धा में लगातार स्वर्ण पदक जीते थे। भारत की जीत ने इस सिलसिले को तोड़ दिया।
अंकिता का अनुभव, कीर्ति की मेहनत और कुमकुम का जोश
इस ऐतिहासिक टीम में 28 वर्षीय अंकिता भकत का अनुभव अहम रहा। कीर्ति शर्मा ने भी दबाव के बीच टीम का साथ दिया, जबकि महज 17 साल की कुमकुम मोहोड़ ने अपने प्रदर्शन से खास छाप छोड़ी। तीनों ने मिलकर भारत को रिकर्व महिला टीम में उसका पहला एशियन गेम्स गोल्ड दिलाया।
भारत के खाते में 11वां गोल्ड
रिकर्व महिला टीम के इस स्वर्ण के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 11 हो गई। भारतीय टीम पहले ही कंपाउंड के पुरुष, महिला और मिश्रित टीम इवेंट में स्वर्ण जीत चुकी थी।
यह जीत भारतीय तीरंदाजी के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि कंपाउंड में शानदार प्रदर्शन के बाद अब रिकर्व में भी भारतीय महिला टीम ने एशियाई मंच पर स्वर्णिम शुरुआत दर्ज कर दी है।
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