नेपाल/भारत: भारत-नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील सुस्ता क्षेत्र में एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) की ओर से वाल्मीकिनगर थाना में दिए गए आवेदन के आधार पर 150 से 200 अज्ञात नेपाली नागरिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
SSB के अनुसार, 2 अगस्त को नियमित गश्त के दौरान जवान सुस्ता से सटे भारतीय सीमा क्षेत्र में पहुंचे, जहां नेपाल के सुस्ता गांव के कुछ ग्रामीण कथित रूप से भारतीय सीमा की ओर मिट्टी का बांध बनाते हुए देखे गए। जवानों द्वारा विरोध किए जाने और नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (APF) के अधिकारियों से बातचीत के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए।
आरोप है कि भीड़ ने जवानों के साथ गाली-गलौज की, सरकारी कार्य में बाधा डाली और लाठी-डंडे व पत्थरों से हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ते देख SSB टीम को पीछे हटना पड़ा। आरोप यह भी है कि भीड़ ने सीमा रेखा पार कर भारतीय क्षेत्र में पथराव किया, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
SSB ने इस घटना को सीमा सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए वाल्मीकिनगर थाना में लिखित आवेदन दिया है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर कांड संख्या 119/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि 31 जुलाई को भारत और नेपाल के सुरक्षा अधिकारियों के बीच बैठक में विवादित क्षेत्र में यथास्थिति बनाए रखने और किसी प्रकार का नया निर्माण नहीं करने पर सहमति बनी थी।
सुस्ता क्षेत्र गंडक (नारायणी) नदी के बदलते प्रवाह के कारण लंबे समय से विवादित रहा है। इस कारण यहां किसी भी प्रकार की गतिविधि पर दोनों देशों की एजेंसियां विशेष सतर्क रहती हैं।
थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नेपाल की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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